Bihar News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, प्रसव के दौरान महिला की मौत मामले में डॉक्टर के खिलाफ दर्ज FIR किया रद्द
Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के मामले में महिला डॉक्टर और अन्य कर्मियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथा अदालत के संज्ञान आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने प्रसव के दौरान महिला की मौत मामले में डॉक्टर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। जस्टिस प्रवीण कुमार की एकलपीठ ने समस्तीपुर टाउन थाना कांड संख्या 262/2016 और समस्तीपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 8 मई 2017 को पारित संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया। ये मामला समस्तीपुर का है। मृतक के पिता ने समस्तीपुर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया कि 21 अगस्त, 2016 को उसकी बेटी को प्रसव पीड़ा होने पर डॉ. रेणु साह के मोहनपुर रोड स्थित क्लिनिक में भर्ती कराया गया। 22 अगस्त तक प्रसव नहीं हुआ तो डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कहकर 30 हजार रुपये जमा कराई।
24 अगस्त,2016 को सुबह 7:13 बजे प्रसव पीड़ा होने पर बिना ऑपरेशन के नर्स और कंपाउंडर ने प्रसव कराया।प्रसव के समय डॉक्टर मौजूद नहीं थी। सुबह 9:30 बजे डॉक्टर आई और उन्होंने मरीज को आईजीआईएमएस/पीएमसीएच रेफर करने की बात कही।कुछ समय बाद अत्यधिक रक्तस्राव से बेटी की मौत हो गई। डॉक्टर एवं अन्य की ओर से कोर्ट को बताया गया कि डॉक्टर एंव अन्य को झूठा केस में फंसाया गया है। आवेदक नम्बर 1 स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, आवेदक नंबर 2 उनके पति चंदन कुमार और आवेदक नंबर 3 कंपाउंडर सुशील कुमार हैं।
उनका कहना था कि सामान्य प्रसव संभव नहीं था, इसलिए सिजेरियन के लिए सहमति फॉर्म भरवाया गया, लेकिन परिवार ने इनकार कर दिया। बच्चे के जन्म के बाद अचानक जटिलता उत्पन्न हो गई और बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप बिना सबूत के लगाया गया हैं।
दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत तथ्यों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया में चिकित्सीय लापरवाही का मामला नहीं बन रहा है। ऐसे में कार्यवाही को आगे जारी रखना न्यायसंगत नहीं होगा।कोर्ट ने दर्ज प्राथमिकी एंव संज्ञान आदेश की निरस्त कर दिया।