पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नालंदा के अस्थावां प्रखंड में प्रमुख-उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लगी रोक, BDO के आदेश को दी चुनौती

पटना हाईकोर्ट ने नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड में प्रमुख और उपप्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए बुलाई गई विशेष बैठक पर रोक लगा दी है। जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने यह आदेश दिया

Patna - : पटना हाईकोर्ट ने नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड की पंचायत समिति में चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह कार्यपालक पदाधिकारी के उस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी है, जिसके तहत 27 फरवरी, 2026 को प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए विशेष बैठक बुलाई गई थी। जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

BDO के अधिकार को चुनौती

 अस्थावां के प्रमुख रोहित कुमार और उपप्रमुख विशुन देव सिंह ने अधिवक्ता दीनू कुमार के माध्यम से याचिका दायर कर BDO के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कार्यपालक पदाधिकारी ने नियमों को ताक पर रखकर 19 फरवरी को बैठक की सूचना जारी की। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, बिहार पंचायती राज अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे यह आदेश पूरी तरह अवैध है।

कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन

 अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि अधिनियम की धारा 44(3)(i) के तहत, अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन मिलने के बाद बैठक की तिथि निर्धारित करने का प्राथमिक अधिकार प्रमुख के पास होता है, जिसके लिए 15 दिनों का समय निर्धारित है। यदि प्रमुख असफल होते हैं, तभी उपप्रमुख या एक तिहाई सदस्य तिथि तय कर सकते हैं। लेकिन इस मामले में 9 फरवरी को आवेदन मिलने के बाद BDO ने स्वतः ही 19 फरवरी को बैठक की घोषणा कर दी, जो कानून के विरुद्ध है।

अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद

हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिवादी संख्या 6 से 26 तक के सदस्यों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है, जबकि इस मामले की अगली सुनवाई अब छह सप्ताह के बाद की जाएगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार के साथ अधिवक्ता रितिका रानी और वरदान मंगलम ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।