बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई तो खैर नहीं: बिहार पुलिस का सोशल मीडिया पर कड़ा पहरा, थानों को 24 घंटे अलर्ट रहने का फरमान

बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को देखते हुए राज्यभर में अलर्ट जारी किया है। एडीजी मुख्यालय ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें

बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई तो खैर नहीं: बिहार पुलिस का सोशल म

Patna - बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों पर प्रसारित हो रही बच्चा चोरी की भ्रामक सूचनाओं का कड़ा संज्ञान लिया है । पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और थानों को अलर्ट जारी करते हुए ऐसी अफवाहों का त्वरित सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है । अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे सूचनाओं की सत्यता की जांच करें ताकि आम जनता के बीच किसी भी प्रकार का भय न फैले 

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें और न ही कानून को अपने हाथ में लें । यदि किसी को कोई संदिग्ध सूचना प्राप्त होती है, तो वे तुरंत डायल 112 या अपने निकटतम पुलिस थाने को सूचित करें । प्रशासन ने जनता से पुलिस पर भरोसा बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया है 

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में राज्य में कुल 14,699 बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिनमें से 7,772 बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है । शेष 6,927 बच्चों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा निरंतर प्रयास जारी हैं । जिलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पुराने मामलों की गहन समीक्षा करें, ताकि यदि कोई बच्चा घर लौट आया हो और कागजों में अभी भी गुमशुदा दर्ज हो, तो उन अभिलेखों को अद्यतन (Update) किया जा सके 

गुमशुदा बच्चों की निगरानी और मानव तस्करी (Trafficking) रोकने के लिए राज्य भर में 44 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) का गठन किया गया है । पटना, गया और दरभंगा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर भी ये इकाइयां सक्रिय हैं, जबकि पूर्णिया हवाई अड्डे पर इसका गठन प्रस्तावित है । यदि कोई बच्चा लापता होने के चार महीने बाद भी बरामद नहीं होता है, तो मामले की जांच विशेष दक्षता वाली AHTU टीम को सौंप दी जाती है । 

प्रत्येक जिले में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और थानों में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं । राष्ट्रीय स्तर पर संचालित "मिशन वात्सल्य" ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बिहार के 1,196 थानों को जोड़ा गया है, जहां गुमशुदा बच्चों के लिए 'M-Form' और बरामद बच्चों के लिए 'R-Form' भरकर डेटा अपलोड किया जाता है । यह पूरी प्रक्रिया भारत सरकार और राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा जारी व्यापक SOP के तहत संचालित की जा रही है