Patna High Court: 11 किमी लंबी नहर पर कब्जा, मोतीझील नहर मामले में हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, डीएम को दिया सख्त निर्देश
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने मोतिहारी शहर के मोतीझील बुढ़ी गंडक नदी से निकले ब्रिटिश कालीन नहर को रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है,के दोनों ओर हुए अतिक्रमण को काफी गंभीरता से लिया है ।
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने मोतिहारी शहर के मोतीझील बुढ़ी गंडक नदी से निकले ब्रिटिश कालीन नहर को रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है,के दोनों ओर हुए अतिक्रमण को काफी गंभीरता से लिया है ।चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने भारतीय न्यायप्रिय नागरिक परिषद की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए डीएम, पूर्वी चंपारण को विस्तृत हलफनामा अगली सुनवाई में दायर करने का निर्देश दिया । साथ ही मोतिहारी नगर निगम को पक्षकार बनाने का आदेश दिया गया। अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने कोर्ट को बताया था कि मोतिहारी शहर के मोतीझील को बुढ़ी गंडक नदी पर स्थित रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है।इसकी लम्बाई लगभग ग्यारह किलोमीटर है।मोतीझील को शहर की जीवनरेखा भी कहा जाता है।इससे मोतिहारी शहर को पेय जल मिलता है।साथ ही बाढ़ के समय ये नहर इस शहर को बाढ़ से बचाता है।
अधिवक्ता विकास पंकज ने बताया था कि 24 दिसंबर,2022 को कार्यपालक अभियंता,तिरहुत कैनाल डिवीज़न ,मोतिहारी ने इस सम्बन्ध में पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी को पत्र लिखा,जिसमें इस नहर को बाढ़ के समय अतिउपयोगी और मोतीझील को रिचार्ज करने का वैकल्पिक श्रोत बताया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिलाधिकारी,पूर्वी चम्पारण ने इसके जाँच के लिए एक कमिटी गठित की और जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था ।
अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने बताया कि काफी बैठकें हुई,लेकिन अबतक कोई विस्तृत रिपोर्ट नहीं दिया गया।इससे मोतिहारी शहर के नागरिकों को काफी कष्ट और असुविधा हो रही है। इस मामलें पर अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद की जायेगी।