Bihar News : बाल विवाह रोकथाम पर पटना हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार की ढिलाई पर जताई नाराजगी, हलफनामा दायर करने का दिया निर्देश

पटना उच्च न्यायालय ने बिहार में बाल विवाह रोकथाम को लेकर राज्य सरकार के उदासीन रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की है.........पढ़िए आगे

पटना हाईकोर्ट सख्त - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने सीएनएलयू (चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी) के जेंडर रिसोर्स सेंटर की ओर से दायर जनहित याचिका पर एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने की। आवेदक की ओर से अधिवक्ता डॉ रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि देश में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक विस्तृत आदेश जारी किया गया है। 

इस आदेश के आलोक में राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया। समिति ने गत वर्ष 2 जनवरी  को एक संकल्प जारी किया। लेकिन राज्य सरकार के अधिकारियों ने उस संकल्प के अनुसार बाल विवाह रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।

उनका कहना था कि समय लिए जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई हलफनामा दायर नहीं किया गया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और उच्च स्तरीय समिति के निर्णय के अनुसरण में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि हलफनामा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और उच्च स्तरीय समिति की ओर से जारी संकल्प दिनांक 2 जनवरी, 2025 के अनुसार उठाए गए कदमों का स्पष्ट उल्लेख हो। कोर्ट ने महाधिवक्ता को अगली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट और उच्च स्तरीय समिति के लिए गए निर्णय के आलोक में किये गए अनुपालन के संबंध में कोर्ट को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई की तारीख  8 अकटुबर,2026 को निर्धारित की हैं।