पटना में चोरों का बड़ा हाथ: ऐतिहासिक मंदिर से 45 किलो की अष्टधातु मूर्तियां चोरी, कीमत जान उड़ जाएंगे होश

पटना के मसौढ़ी में चोरों ने 100 साल पुरानी ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी से करोड़ों की अष्टधातु मूर्तियां चुरा लीं, जिससे इलाके में भारी आक्रोश है।

Patna - राजधानी पटना के मसौढ़ी इलाके में चोरों ने पुलिसिया गश्त को चुनौती देते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। शाहाबाद पंचायत के छाता गांव स्थित ऐतिहासिक कल्लु राम जानकी ठाकुरबाड़ी से बीती रात अज्ञात चोरों ने करोड़ों रुपये मूल्य की अष्टधातु की मूर्तियां पार कर दीं। लगभग 100 साल पुरानी इन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7 से 8 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश और सनसनी व्याप्त है।

गर्भगृह का ताला तोड़कर वारदात को दिया अंजाम

जानकारी के अनुसार, चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार और गर्भगृह का ताला तोड़कर वहां स्थापित भगवान राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की मूर्तियों को चुरा लिया। मंदिर कमेटी के सचिव मुनदेव सिंह ने बताया कि ये मूर्तियां अत्यंत प्राचीन और बेशकीमती थीं। वारदात के समय मंदिर की महिला पुजारी बगल के कमरे में सो रही थीं, जिन्हें भनक तक नहीं लगी। सुबह जब मंदिर का दरवाजा खुला मिला, तब इस महाचोरी का खुलासा हुआ।

45 किलो था मूर्तियों का वजन, 1935 में हुई थी स्थापना

शाहाबाद पंचायत के मुखिया रवि प्रकाश ने बताया कि यह ठाकुरबाड़ी इलाके की आस्था का केंद्र है, जिसकी स्थापना वर्ष 1935 में हुई थी। चोरी गई तीनों मूर्तियों का कुल वजन लगभग 45 किलोग्राम बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चोरी रात 12 से 1 बजे के बीच हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

साक्ष्य जुटाने पहुंची FSL और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के खेत-खलिहानों की तलाशी ली है। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया गया है, जो मंदिर के दरवाजों और फर्श से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठा कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।

आस्था पर चोट से ग्रामीणों में भारी गुस्सा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में पुलिस की निष्क्रियता के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। ऐतिहासिक मंदिर से मूर्तियों का चोरी होना न केवल सुरक्षा में बड़ी चूक है, बल्कि लोगों की धार्मिक आस्था पर भी गहरी चोट है। मुखिया और ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जल्द ही मूर्तियों की बरामदगी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।