पटना मेट्रो या "कछुआ चाल"? कांग्रेस का एनडीए सरकार पर तीखा हमला, कहा—चुनावी जुमला बनकर रह गया प्रोजेक्ट

कांग्रेस ने पटना में चल रहे मेट्रों प्रोजेक्ट धीमी गति को लेकर राज्य और केन्द्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा है कि पटना मेट्रो या "कछुआ चाल...

पटना मेट्रो को लेकर कांग्रेस का राज्य और केन्द्र सरकार पर तंज- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की कछुए से भी धीमी गति को लेकर राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उसे देखकर लगता है कि यह प्रोजेक्ट सैकड़ों वर्षों में जाकर पूरा होगा। राठौड़ ने आरोप लगाया कि सरकार की अदूरदर्शी सोच और इच्छाशक्ति की कमी के कारण पटनावासियों का मेट्रो का सपना अधर में लटका हुआ है।


किलोमीटर का उद्घाटन केवल चुनावी स्टंट 

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि मात्र 3 किलोमीटर की लाइन का उद्घाटन आनन-फानन में केवल चुनावी लाभ लेने के लिए किया गया था। उद्घाटन के महीनों बाद भी 3 किमी से आगे का परिचालन शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल श्रेय लेने में विश्वास रखती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि प्रोजेक्ट की प्रगति शून्य के बराबर है।


सम्राट चौधरी की अपील पर जनता हैरान 

राजेश राठौड़ ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस संदेश पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों को मेट्रो से चलने की सलाह दी थी। राठौड़ ने कहा कि आम जनता इस अपील को पढ़कर आश्चर्यचकित है क्योंकि जब मेट्रो चल ही नहीं रही, तो लोग उसका उपयोग कैसे करें? उन्होंने सवाल किया कि एनडीए सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह प्रोजेक्ट बजट की कमी से जूझ रहा है या कर्तव्यहीन अधिकारियों की वजह से इसमें देरी हो रही है।


ई. श्रीधरन जैसे तेज-तर्रार अधिकारियों की मांग 

पटना मेट्रो की तुलना दिल्ली मेट्रो से करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में मेट्रो का काम समय से पूर्व पूरा हो जाता है, जबकि पटना में सरकार कछुआ चाल को भी फेल कर चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि काम को गति देनी है, तो मेट्रो मैन ई. श्रीधरन जैसे काबिल और तेज-तर्रार अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चुनाव के वक्त तो वादे करते हैं, लेकिन बाद में बिहार को उसके हाल पर छोड़कर चले जाते हैं।


आमदनी अठन्नीखर्चा रुपैया: प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति पर सवाल 

प्रोजेक्ट की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि इस पर रोजाना लाखों रुपये की लागत आ रही है, जबकि सरकार को इससे होने वाली आमदनी मात्र 7-8 हजार रुपये रोजाना है। उन्होंने इसे एक 'लेवलतीफ' और बिना किसी ठोस योजना के शुरू किया गया प्रोजेक्ट बताया। राजेश राठौड़ ने प्रधानमंत्री से अविलंब हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक राशि विमुक्त करने की मांग की ताकि पटना के लोगों को जल्द से जल्द इस सुविधा का लाभ मिल सके।


नरोत्तम की रिपोर्ट