पटना मेट्रो रेडी टू रन, अगला स्टेशन होगा अंडरग्राउंड, होली बाद इन 5 स्टेशन तक के सफर को मिलेगी हरी झंडी

Patna Metro: राजधानी की फिज़ा में विकास की गूंज सुनाई देने लगी है। पटना मेट्रो शहर के भीतर सरपट दौड़ी और इसके साथ ही इसके नियमित परिचालन को लेकर हलचल तेज हो गई। ...

पटना मेट्रो रेडी टू रन- फोटो : social Media

Patna Metro: राजधानी की फिज़ा में विकास की गूंज सुनाई देने लगी है। पटना मेट्रो शहर के भीतर सरपट दौड़ी और इसके साथ ही  इसके नियमित परिचालन को लेकर हलचल तेज हो गई। भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 2.75 किलोमीटर के नए सेक्शन पर ट्रायल रन कर यह संदेश दे दिया गया कि रफ्तार अब थमने वाली नहीं।

फिलहाल पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ के बीच 3.45 किमी तक मेट्रो का परिचालन जारी है। नए सेक्शन के जुड़ने के बाद कुल 6.2 किमी एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी। लेकिन अंतिम मुहर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की हरी झंडी के बाद ही लगेगी।

ट्रायल रन के दौरान सिग्नलिंग सिस्टम की क्षमता, ब्रेकिंग सिस्टम का प्रदर्शन, ट्रैक और ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन, स्टेशन समन्वय, संचार व्यवस्था और आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल की बारीकी से जांच की गई। ट्रेन को निर्धारित अधिकतम गति तक चलाकर सुरक्षा मानकों को परखा गया। अधिकारियों के मुताबिक CMRS की टीम फरवरी में आने वाली थी, लेकिन अब मार्च में निरीक्षण करेगी। अगर सब कुछ दुरुस्त रहा तो होली के बाद आम यात्रियों के लिए 5 स्टेशनों तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।

इस रूट पर पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी  कुल पांच स्टेशन होंगे। खास बात यह है कि खेमनीचक स्टेशन को एक्सचेंज हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 दोनों दिशाओं में सफर की सहूलियत मिलेगी। यही वजह है कि तकनीकी तालमेल और निर्माण में अतिरिक्त वक्त लग रहा है।अगला बड़ा पड़ाव राजेंद्र नगर का अंडरग्राउंड स्टेशन होगा, जो राजधानी की यातायात तस्वीर बदलने की कुव्वत रखता है।

सियासी मायनों में देखें तो यह परियोजना सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि विकास की साख का सवाल भी बन चुकी है। अब निगाहें CMRS की रिपोर्ट पर टिकी हैं  क्या होली के बाद पटना की सड़कों के ऊपर मेट्रो की रफ्तार जनता के सफर को नई दिशा दे पाएगी?