पटना समेत चार स्मार्ट शहरों में लगेंगे स्मार्ट कैमरे, बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटेगा तुरंत ई-चालान, एआई के पहरे से लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

Bihar AI traffic cameras: बिहार की सियासत अब सड़कों पर भी टेक्नोलॉजी का तड़का लगाने जा रही है। अत्याधुनिक एडिप्टिव एआई कैमरे अब सिर्फ निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि ट्रैफिक के दबाव के मुताबिक सिग्नल की मियाद खुद तय करेंगे।...

Smart AI Cameras in 4 Bihar Cities Instant E Challan
नियम तोड़ने पर तुरंत ई-चालान- फोटो : social Media

Bihar AI traffic cameras: बिहार की सियासत अब सड़कों पर भी टेक्नोलॉजी का तड़का लगाने जा रही है। पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर इन चार स्मार्ट शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन का नया दौर शुरू होने वाला है। अत्याधुनिक एडिप्टिव एआई कैमरे अब सिर्फ निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि ट्रैफिक के दबाव के मुताबिक सिग्नल की मियाद खुद तय करेंगे। भागलपुर में जीरो माइल चौक, तिलकामांझी, कचहरी चौक, स्टेशन चौक और नाथनगर गोलंबर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन जगहों पर अक्सर जाम की आफत से लोग दो-चार होते हैं।

हुकूमत का दावा है कि यह कदम सड़क अनुशासन को नई सख्ती देगा। 14 तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों पर ऑटोमैटिक ई-चालान कटेगा — हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट से परहेज, मोबाइल पर गुफ्तगू, ट्रिपल राइडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, रेड लाइट जंप जैसे मामलों पर कैमरा खुद सबूत जुटाएगा और जुर्माने की रसीद जारी कर देगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे सड़क हादसों में 25 फीसदी तक कमी आएगी, जबकि राजस्व में 50फीसदी तक इजाफा संभव है।

दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे महानगरों में इस तकनीक के नतीजे देखने के बाद अब बिहार में इसे लागू करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है और मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।एआई कैमरे रीयल-टाइम में ट्रैफिक घनत्व का आकलन करेंगे। जिस दिशा में गाड़ियों का रेला ज्यादा होगा, वहां हरी बत्ती ज्यादा देर तक जलेगी; जहां ट्रैफिक कम, वहां सिग्नल जल्दी बदलेगा। यानी अब चौराहों पर बेमतलब इंतजार की मजबूरी कम होगी।

यह पहल स्मार्ट सिटी मिशन को मजबूती देने का दांव भी है। सरकार इसे टेक्नोलॉजी के जरिए “सख्ती और सहूलियत” का संतुलन बता रही है। अगर योजना वक्त पर जमीन पर उतरी, तो जाम से राहत, ईंधन की बचत और सुरक्षित सफर का वादा हकीकत में बदल सकता है।