Patna Metro: पटना मेट्रो का खेमनीचक से भूमिगत सफर इस दिन से होगा शुरु, पुणे से आएंगी छह बोगी वाली तीन ट्रेनें

Patna Metro: पटना मेट्रो के परिचालन को शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है।...

Patna Metro: पटना मेट्रो के परिचालन को शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है। 6 अक्टूबर 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेट्रो के पहले प्रायोरिटी कॉरिडोर का उद्घाटन कर शहर में मेट्रो सेवा की शुरुआत की थी। एक साल बाद भी 32.5 किलोमीटर के कुल नेटवर्क में फिलहाल 6.2 किलोमीटर हिस्से पर ही मेट्रो का परिचालन हो रहा है। हालांकि, आने वाले महीनों में इसके दायरे को बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है।वर्तमान में मेट्रो ट्रेन आईएसबीटी, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी तक चल रही है। वहीं खेमनीचक स्टेशन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल यहां ट्रेन का ठहराव नहीं है। इसे पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन बनाया जा रहा है।

दिसंबर तक खेमनीचक से मिलेगी बड़ी कनेक्टिविटी

खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन को पहले अक्टूबर में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दी गई है। खेमनीचक से एक रूट मलाही पकड़ी और दूसरा मीठापुर की तरफ जाता है। दोनों तरफ जरूरी काम पूरा होने के बाद स्टेशन यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।

इसके बाद खेमनीचक से मीठापुर के बीच 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रूट पर भी परिचालन शुरू करने की तैयारी है। इस हिस्से पर जून 2027 तक मेट्रो दौड़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके चालू होने से पटना के मेट्रो नेटवर्क में एक और अहम कड़ी जुड़ जाएगी।

पुणे से आएंगी छह बोगी वाली तीन ट्रेनें

मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) ने छह बोगी वाली तीन ट्रेन सेट के लिए पुणे मेट्रो को ऑर्डर दिया है। इन्हें तीन साल की लीज पर लिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन सेट के दिसंबर तक पटना पहुंचने की उम्मीद है।फिलहाल पटना मेट्रो में तीन बोगी वाली ट्रेनें चल रही हैं। छह बोगी वाली ट्रेनों के आने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी और विस्तारित रूट पर परिचालन को सहारा मिलेगा।

2028 में पहली बार भूमिगत दौड़ेगी मेट्रो

पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 में मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन के बीच भूमिगत हिस्से पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सेक्शन में पांच अंडरग्राउंड स्टेशन—मोइनुल हक स्टेडियम, पटना यूनिवर्सिटी, पीएमसीएच, गांधी मैदान और आकाशवाणी शामिल हैं। सिविल कार्य पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिकल वर्क और ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए अलग से टेंडर जारी किए जाएंगे। इस पूरे हिस्से को 2028 तक चालू करने का लक्ष्य है।

यानी पटना मेट्रो का पहला साल भले ही सीमित 6.2 किलोमीटर के परिचालन के साथ बीता हो, लेकिन अगले चरण में खेमनीचक-मीठापुर विस्तार और भूमिगत कॉरिडोर के जरिए नेटवर्क को बड़े पैमाने पर विस्तार देने की तैयारी है।