Patna Crime Meeting: पटना में अपराध पर पुलिस की बड़ी बैठक, लंबित कांडों से लेकर अवैध हथियार और नशीले पदार्थों पर मंथन
Patna Crime Meeting: पटना में 11 सितंबर 2026 को मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। लंबित मामलों के जल्द निपटारे, गिरफ्तारी, अवैध हथियार और नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के साथ पर्व को लेकर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
Patna Crime Meeting: पटना में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और थानाध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान अगस्त महीने में दर्ज मामलों और अब तक लंबित कांडों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश
बैठक में जिले में अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर विशेष चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने और कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि गंभीर मामलों में जांच की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और तय समय में कार्रवाई पूरी की जाए।
महिला और बच्चों से जुड़े मामलों पर विशेष नजर
अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े अत्याचार के मामलों के साथ-साथ महिला अपराध और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों को भी बैठक में प्रमुखता से लिया गया। ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस को तेजी से जांच पूरी करने और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
गिरफ्तारी और वारंट की कार्रवाई तेज करने को कहा
पुलिस अधिकारियों को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के साथ लंबित वारंटों के निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अलावा कुर्की और जब्ती की कार्रवाई को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिले में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
आगामी पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
आने वाले पर्व को देखते हुए पटना जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने, लगातार गश्त बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर भी नजर रखने और किसी भी आपत्तिजनक या तनाव बढ़ाने वाली गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
पटना से रंजीत की रिपोर्ट