बाढ़ की विभीषिका के बीच खूनी झड़प: आरा में यात्री शेड में सामान रखने पर चली गोली
बिहार के भोजपुर में बाढ़ की त्रासदी के बीच हिंसक झड़प! घर में पानी भरने के बाद यात्री शेड में सामान रखने पर बढ़ा विवाद। 20-25 लोगों ने हमला कर की फायरिंग, गोली लगने से 50 वर्षीय अधेड़ घायल। आरा सदर अस्पताल में इलाज जारी।
भोजपुर जिले के शाहजहांपुर-सिन्हा थाना क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के बीच एक दर्दनाक और हिंसक वारदात सामने आई है। बाढ़ के पानी से अपना घरेलू सामान सुरक्षित रखने के लिए यात्री शेड में रखने को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया। मामूली बहस से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर मारपीट और ईंट-पत्थर चले, जिसके बाद बेखौफ बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
गोली होंठ को छूते हुए निकली, 50 वर्षीय केश्वर साह गंभीर रूप से घायल
गोलीबारी की इस सनसनीखेज घटना में 50 वर्षीय केश्वर साह (पिता- स्व. रामस्वरूप साह) गोली लगने से घायल हो गए। गनीमत यह रही कि अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली सीधे उनके होंठ को छूते हुए निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। परिजन आनन-फानन में खून से लथपथ घायल को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज जारी है।
मौजमपुर गांव के 20-25 दबंगों पर हमला करने का गंभीर आरोप
घायल के पुत्र छठु साह ने बताया कि बाढ़ का पानी घर में घुस जाने के कारण उनकी चाची मंजू देवी ने अपना सामान पास के यात्री शेड में रख दिया था। इसी बात को लेकर पड़ोसी गांव मौजमपुर के कुछ लोग गाली-गलौज करने लगे। जब छठु साह विवाद का कारण पूछने गए, तो आरोपी पक्ष आगबबूला हो गया और करीब 20 से 25 की संख्या में लोगों ने लाठी-डंडों, पत्थरों और हथियारों से लैस होकर उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।
इलाके में तनाव का माहौल, पुलिस छानबीन और आरोपियों की तलाश में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवाद के मुख्य कारणों की पड़ताल की जा रही है और ईंट-पत्थर चलाने के साथ-साथ फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए पुलिस एहतियातन गश्त बढ़ा रही है और नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
बाढ़ की विभीषिका के बीच इंसानियत शर्मसार, ग्रामीण आक्रोशित
एक तरफ जहां पूरा इलाका बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है और लोग अपनी जान-माल की रक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों की शरण ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की हिंसक वारदात ने स्थानीय प्रशासन और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाढ़ पीड़ितों पर हुए इस हमले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और वे पुलिस से दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी तथा कड़ा दंड देने की मांग कर रहे हैं।
भोजपुर से आशीष कुमार की रिपोर्ट