पटना में EO विमल कुमार के शव के साथ नगर निकाय अधिकारियों का प्रदर्शन, बारिश में भी डटे रहे अधिकारी

पटना में डेहरी के ईओ विमल कुमार के शव के साथ नगर निकाय अधिकारियों का उग्र प्रदर्शन! सीएम आवास का घेराव करने निकले अधिकारियों को पुलिस ने गोला रोड पर रोका। बारिश के बीच सड़क पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने नगर विकास मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

EO विमल कुमार के शव के साथ नगर निकाय अधिकारियों का प्रदर्शन- फोटो : Reporter

राजधानी पटना के दानापुर में डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार के निधन के बाद नगर निकाय के अधिकारियों और कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी अधिकारी ईओ विमल कुमार के शव को शव-वाहन में लेकर सड़क पर उतर आए और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट इरादा शव के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का था, जिसे लेकर पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।


गोला रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका

जैसे ही प्रदर्शनकारी गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर से शव-वाहन लेकर आगे बढ़े, पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। रास्ते में बनाई गई रुकावटों और सड़कों पर खड़े वाहनों को हटाते हुए प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ते रहे। अंततः गोला रोड स्थित संत कैरेंस स्कूल मोड़ के पास सिटी एसपी (पश्चिमी) संकेत कुमार और नगर विकास सचिव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया।


मूसलाधार बारिश के बीच सड़क पर धरना और मंत्री के इस्तीफे की मांग

पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ। तेज बारिश के बावजूद नगर निकाय के अधिकारी और कर्मचारी भीगते हुए सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और उन्होंने नगर विकास मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ नगर विकास के प्रधान सचिव को तुरंत मौके पर बुलाने की मांग रखी।


प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी ईओ पंकज कुमार की तबीयत

लंबे समय तक चले इस तनावपूर्ण प्रदर्शन और बारिश के बीच माहौल काफी गंभीर हो गया। इसी दौरान हंगामा और नारेबाजी करते हुए नगर निकाय के ईओ पंकज कुमार अचानक बेसुध होकर सड़क पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। उनके बेहोश होते ही मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


पुलिस अधिकारियों की समझाइश और प्रशासनिक गतिरोध जारी

घटना के बाद पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने और सड़क खाली कराने की कोशिश करते दिखे। हालांकि, अपनी मांगों पर अड़े नगर निकाय के अधिकारी सचिव के आने तक पीछे हटने को तैयार नहीं थे, जिससे काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।