Patna NEET Aspirant Death - बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कैसे मिली 90 नींद की गोलियां, पुलिस के बयान पर परिवार ने उठाया सवाल, नीट की छात्रा जब्त मोबाइल खोलेगा राज!

Patna NEET Aspirant Death - पुलिस ने दावा किया था कि छात्रा के कमरे से नींद की 90 गोलियां मिलीं, जबकि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी फार्मेसी इतनी बड़ी मात्रा में गोलियां नहीं देती। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत 'गैंगरेप और हत्या' का मामला ब

Patna - पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हड़कंप मच गया है। पटना एसएसपी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) की बात सामने आई है. इस खुलासे के बाद पुलिस ने कांड को सत्य मानते हुए जांच की दिशा बदल दी है। एसएसपी ने बताया कि हॉस्टल के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की गहराई से जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम की मदद ली जा रही है। 

मामा का सनसनीखेज आरोप: "इसे आत्महत्या का रूप दिया गया"

मृतका के मामा सुभाष कुमार ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 तारीख को छात्रा की मौत से पहले ही पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे 'आत्महत्या' करार दे दिया था। मामा का कहना है कि पुलिस ने दावा किया था कि छात्रा के कमरे से नींद की 90 गोलियां मिलीं, जबकि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी फार्मेसी इतनी बड़ी मात्रा में गोलियां नहीं देती। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत 'गैंगरेप और हत्या' का मामला बताया है। 

प्रशासनिक मिलीभगत और '15 लाख' का खेल

परिजनों ने न केवल हॉस्टल मालिक बल्कि अस्पताल और स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मामा के अनुसार, डॉक्टर सतीश कुमार, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल का प्रबंधन और एसएचओ रोशनी कुमारी ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के परिवार को केस रफा-दफा करने के लिए 15 लाख रुपये तक का ऑफर दिया गया था। परिजनों का कहना है कि अब उन्हें स्थानीय प्रशासन पर भरोसा नहीं है और वे न्याय के लिए सीजेएम (CJM) कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। 

डिजिटल साक्ष्यों की जांच और एसएसपी का बयान

पटना एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका का मोबाइल फोन एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या फोन से कोई फोटो या मैसेज डिलीट किए गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि छात्रा 5 तारीख को पटना आई थी और 6 तारीख को अचेत अवस्था में पाई गई थी। सीसीटीवी फुटेज और छात्रा की हालिया गतिविधियों की जांच कर दोषियों की पहचान की जा रही है। 

न्याय की गुहार और बढ़ता जनाक्रोश

जहानाबाद में पीड़िता के गांव से लेकर पटना की सड़कों तक इस घटना के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है। पीड़ित पिता ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए हाईकोर्ट तक जाएंगे। वहीं, मामा ने कहा कि जिस तरह से तथ्यों को मरोड़ा गया, उससे साफ है कि रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। अब सबकी नजरें कोर्ट की कार्रवाई और एफएसएल की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या नीट की तैयारी कर रही इस छात्रा को इंसाफ मिल पाएगा।

Report - anil  kumar