पटना में महंगाई का बड़ा झटका: PNG-CNG के दाम बढ़े, जनता पर बढ़ा बोझ; सरकार पर विपक्ष का हमला
पटना में आम लोगों की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। शहर में पीएनजी और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद नई दरें लागू हो गई हैं। इस फैसले के बाद जहां परिवहन और घरेलू खर्च बढ़ने की आशंका है, वहीं बिहार की सियासत भी गरमा गई है। एक तरफ नई सर
Bihar : पटना में आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। शहर में पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें आज से पूरे पटना में लागू हो गई हैं। ऐसे समय में जब बिहार में नई सरकार बनने के बाद विकास और राहत के बड़े दावे किए जा रहे हैं, दूसरी ओर विपक्ष लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है।
नई दरों के अनुसार घरेलू पीएनजी की कीमत 49.44 रुपये प्रति एससीएम से बढ़ाकर 49.94 रुपये प्रति एससीएम कर दी गई है। वहीं सीएनजी की कीमत 88.90 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 89.90 रुपये प्रति किलो हो गई है। कमर्शियल पीएनजी की दर भी बढ़कर 93.27 रुपये प्रति एससीएम पहुंच गई है। इसका असर सीधे आम परिवारों, परिवहन सेवाओं, छोटे व्यापारियों और उद्योगों पर पड़ने वाला है।
राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा तेजी से गर्माता दिख रहा है। एक तरफ सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद नई योजनाओं और फैसलों की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर सरकार को घेरने में जुट गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार बनने के तुरंत बाद ही लोगों को राहत मिलने के बजाय महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि सरकार महंगाई नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।
सीएनजी महंगी होने से ऑटो, टैक्सी
कमर्शियल गैस
महंगाई के इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति अब और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष इसे जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा बाजार की अस्थिरता को इसकी बड़ी वजह बता रही है।