NEET Student Rape Death: प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंची पटना पुलिस, नीट छात्रा मौत मामले में जांच तेज, हो सकता है बड़ा खुलासा

NEET Student Rape Death: प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले प्रभात मेमोरियल अस्पताल पटना पुलिस पहुंच गई है। पुलिस अस्पताल में जांच पड़ताल कर रही है। नीट छात्रा मौत मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है।

पूछताछ के लिए पहुंची पटना पुलिस- फोटो : social media

NEET Student Rape Death: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत अब सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरा मामला कानून, सिस्टम और सड़कों पर उतर आए गुस्से के बीच फंसता नजर आ रहा है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा की मौत के बाद उठे बवाल ने अब हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल और उसके संचालक डॉ. सतीश कुमार सिंह को भी सीधे कटघरे में ला खड़ा किया है। इस अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। वहीं रिपोर्ट की मानें तो इस मामले में आज पटना पुलिस बड़ा खुलासा कर सकती है। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के पहले पहुंची पुलिस 

बता दें कि दोपहर 2 बजे से प्रभात मेमोरियल अस्पताल में प्रेम कॉन्फ्रेंस होनी थी लेकिन इसके पहले ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। दरअसल, बढ़ते विवाद और आरोपों के बीच हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल के CMD डॉ. सतीश कुमार सिंह ने भी चुप्पी तोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने दोपहर 2 बजे प्रेस वार्ता बुलाकर अपना पक्ष रखने की बात कही है। अब सबकी निगाहें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी थी लेकिन इसके पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस पूछताछ कर रही है।

पुलिस की पूछताछ जारी 

वहीं इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एसआईटी की टीम सुबह सुबह डॉ. सहजानंद की क्लिनिक में पहुंची। जहां टीम ने डॉक्टर से पूछताछ की। जिसके बाद अब टीम राजेंद्र नगर स्थित डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंची, जहां छात्रा का इलाज किया गया था। टीम ने अस्पताल में इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों से पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने की वजह क्या थी और इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही तो नहीं बरती गई।

अलग अलग थ्योरी पर काम कर रही टीम 

सूत्रों के अनुसार, मामले में कई एंगल से जांच की जा रही है और अलग–अलग थ्योरी पर एसआईटी काम कर रही है। हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका, छात्रा की गतिविधियां और इलाज से जुड़ी परिस्थितियों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल एसआईटी हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सबूत जुटाने में लगी हुई है।

तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही छात्रा 

जानकारी के मुताबिक, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में तबीयत बिगड़ने के बाद छात्रा को सबसे पहले हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब तीन दिनों तक छात्रा यहीं इलाजरत रही। जब हालत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन मेदांता में इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। यहीं से पूरा मामला आग की तरह फैल गया। छात्रा की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन और आरोपों की झड़ी लग गई। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही से लेकर सच्चाई छुपाने तक के इल्ज़ाम लगाए गए हैं।