पटना में खाकी का जज्बा: विधानसभा गेट नंबर 4 पर नंगे पैर ट्रैफिक संभालते दिखे सब-इंस्पेक्टर दिलशाद

पटना कोर्ट और आसपास के इलाकों को जाम मुक्त बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर दिलशाद बारिश के बीच पूरी मुस्तैदी से सड़क पर डटे रहे।प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उनका यह समर्पण आम नागरिकों और यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है

विधानसभा गेट नंबर 4 पर नंगे पैर ट्रैफिक संभालते दिखे सब-इंस्पेक्टर दिलशाद- फोटो : Reporter

राजधानी पटना में जहां एक ओर थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कों पर जलजमाव और ट्रैफिक की स्थिति बेकाबू हो जाती है, वहीं दूसरी ओर कुछ पुलिस अधिकारी अपने कर्तव्य और सेवा भाव से एक मिसाल पेश करते हैं। पटना कोर्ट और आसपास के इलाकों को जाम मुक्त बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर (SI) दिलशाद बारिश के बीच पूरी मुस्तैदी से सड़क पर डटे रहे। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उनका यह समर्पण आम नागरिकों और यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।


भीगे जूते उतारकर नंगे पांव संभाला यातायात

तेज बारिश के कारण जब सब-इंस्पेक्टर दिलशाद के जूते पूरी तरह पानी से भीग गए, तो उन्होंने अपनी ड्यूटी में इसे बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने तुरंत अपने भीगे हुए जूते उतार दिए और नंगे पांव ही सड़क पर उतरकर यातायात को नियंत्रित करने लगे। विधानसभा के गेट नंबर 4 के पास, जहां लगातार गाड़ियों का भारी दबाव रहता है, वहां उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के घंटों खड़े रहकर गाड़ियों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखा।


पटना कोर्ट और आसपास के इलाके को बनाया जाम मुक्त

विधानसभा गेट नंबर 4 और पटना कोर्ट का यह इलाका बेहद संवेदनशील और व्यस्त माना जाता है। यहां जरा सी लापरवाही से लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। लेकिन एसआई दिलशाद की मुस्तैदी और नंगे पैर लगातार की जा रही कड़ी मेहनत का ही नतीजा था कि बारिश के बावजूद इस पूरे रूट पर गाड़ियों की रफ्तार नहीं थमी और इलाका पूरी तरह से जाम मुक्त बना रहा।


पुलिस अधिकारी के इस जज्बे की हो रही सराहना

सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच एसआई दिलशाद के इस समर्पण की जमकर सराहना की जा रही है। बारिश और विपरीत परिस्थितियों के बीच नंगे पांव ट्रैफिक रेगुलेट करते उनकी यह निष्ठा खाकी वर्दी के प्रति सम्मान को और बढ़ाती है। लोग ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को न केवल पटना की यातायात व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत मान रहे हैं, बल्कि पुलिस प्रशासन से भी ऐसे अधिकारियों को सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं।

पटना से रंजीत की रिपोर्ट