एयर एंबुलेंस क्रैश: पटना के लाल सचिन मिश्रा की मौत, एंबुलेंस से पहुँचा शव; परिजनों का आरोप - मदद के नाम पर सरकार और कंपनी ने मोड़ा मुंह

चतरा में हुए भीषण एयर एंबुलेंस हादसे से जुड़ी पटना के लिए हृदयविदारक खबर सामने आई है। इस दर्दनाक विमान दुर्घटना में पटना के कुर्जी निवासी सचिन कुमार मिश्रा की भी जान चली गई है, जो 'रेड बर्ड' एयर एंबुलेंस में बतौर पैरामेडिकल स्टाफ तैनात थे।

Patna - : झारखंड के चतरा में हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे में पटना के कुर्जी निवासी सचिन कुमार मिश्रा की मौत हो गई है। 'रेड बर्ड' एयर एंबुलेंस में पैरामेडिकल स्टाफ के तौर पर तैनात सचिन का शव आज सड़क मार्ग से पटना लाया गया। हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है, वहीं कंपनी और सरकार की बेरुखी ने परिजनों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।

पटना के कुर्जी में मातम, अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

सचिन कुमार मिश्रा का पूरा परिवार पटना के कुर्जी इलाके में रहता है। जैसे ही एंबुलेंस से सचिन का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पहुँचा, पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। सचिन परिवार का होनहार सदस्य था और एयर एंबुलेंस में बतौर पैरामेडिकल स्टाफ अपनी सेवाएँ दे रहा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस दुखद घड़ी में परिवार को सांत्वना देने पहुँच रहे हैं।

खराब मौसम और तकनीकी खराबी बनी काल

शुरुआती जानकारी और आशंकाओं के मुताबिक, यह हादसा तकनीकी खराबी और मौसम की खराबी के कारण हुआ। चतरा के घने जंगलों में सोमवार शाम को एयर एंबुलेंस रडार से गायब हो गई थी, जिसके बाद हुई क्रैश-लैंडिंग में सचिन समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पायलट ने आपातकालीन स्थिति को संभालने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

कंपनी और झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप


सचिन की मौत के बाद उनके परिजनों में व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि इस कठिन समय में न तो 'रेड बर्ड' कंपनी का कोई अधिकारी आगे आया और न ही झारखंड सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया। यहाँ तक कि शव को पटना लाने के लिए भी परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परिजनों ने सवाल उठाया है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों के प्रति प्रशासन इतना संवेदनहीन कैसे हो सकता है?

सेवा करते-करते गंवा दी जान

सचिन मिश्रा एयर एंबुलेंस में गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए तैनात रहते थे। उनके सहयोगियों का कहना है कि वे अपने काम के प्रति बेहद समर्पित थे। सोमवार को भी वे एक मरीज को एयरलिफ्ट करने के मिशन पर थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आज उनकी अपनी ही जान चली गई और उनका परिवार बेसहारा महसूस कर रहा है।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

स्थानीय लोगों और परिजनों ने सरकार से मांग की है कि सचिन की मौत के मामले में उचित मुआवजा दिया जाए और कंपनी की लापरवाही की जांच हो। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह एक जवान या सरकारी कर्मचारी को सम्मान मिलता है, उसी तरह सेवा के दौरान जान गंवाने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को भी सम्मान और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

पटना से अनिल की रिपोर्ट