पटना सदर प्रखंड में सियासी भूचाल: प्रमुख नीलम देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 5 सदस्यों ने खोला मोर्चा

पटना सदर प्रखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर: भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रमुख नीलम देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश। उप-प्रमुख माया देवी समेत 5 सदस्यों ने खोला मोर्चा, कुर्सी बचाने की बढ़ी चुनौती।

Patna - : पटना सदर की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रखंड प्रमुख नीलम देवी के खिलाफ पंचायत समिति के सदस्यों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया। भ्रष्टाचार और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाते हुए सदस्यों ने आधिकारिक तौर पर अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है।

कुर्सी बचाने की चुनौती: प्रमुख पर लगे गंभीर आरोप

पटना सदर प्रखंड की प्रमुख नीलम देवी की कुर्सी अब खतरे में है। पंचायत समिति के सदस्यों ने बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44 (3) के तहत उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदस्यों का सीधा आरोप है कि प्रमुख अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल रही हैं। आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विकास कार्यों में भारी अनियमितता बरती जा रही है और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का नामोनिशान नहीं है।

उप-प्रमुख की अगुवाई में हुई बड़ी घेराबंदी

इस सियासी बगावत का नेतृत्व खुद उप-प्रमुख माया देवी कर रही हैं। उनके साथ पंचायत समिति सदस्य कैलाश प्रसाद, ललन कुमार सिंह, विद्या प्रसाद और उर्मिला देवी ने एकजुट होकर आवेदन पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्षी खेमे का दावा है कि 10 निर्वाचित सदस्यों में से आधे से अधिक का विश्वास प्रमुख से उठ चुका है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि प्रमुख न तो समय पर बैठकें बुलाती हैं और न ही निर्णय प्रक्रिया में अन्य सदस्यों को विश्वास में लेती हैं।

भ्रष्टाचार और अनदेखी का लगाया आरोप

प्रस्ताव में पांच मुख्य बिंदुओं पर प्रमुख को घेरा गया है। सदस्यों का कहना है कि प्रखंड क्षेत्र के विकास कार्यों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और वित्तीय कार्यों में प्रशासनिक मर्यादा का पालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा, जनहित से जुड़े संवेदनशील मामलों में प्रमुख की उदासीनता ने सदस्यों के भीतर भारी असंतोष पैदा कर दिया है। सदस्यों ने साफ कहा है कि अब इस "मनमानी" को और अधिक सहन नहीं किया जाएगा।

विशेष बैठक और शक्ति परीक्षण की मांग

हस्ताक्षरकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र सौंपकर अविलंब विशेष बैठक बुलाने की मांग की है। आवेदन में मांग की गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर मतदान की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अब गेंद प्रशासन के पाले में है और आने वाले कुछ दिन पटना सदर की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होंगे।

रिपोर्ट - रजनीश