Patna Siren: पटना में आज इतने बजे बजेगा इमरजेंसी सायरन, आवाज सुनकर न हों परेशान, अफवाहों से बचें

Patna Siren: पटना में आज यानी मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को दोपहर के वक्त अचानक आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दे सकती है।....

पटना में बजेगा इमरजेंसी सायरन- फोटो : social Media

Patna Siren: पटना में आज यानी मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को दोपहर के वक्त अचानक आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दे सकती है। इसे लेकर आम लोगों में किसी तरह का भ्रम या दहशत पैदा न हो, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सायरन का यह इस्तेमाल किसी वास्तविक आपदा या खतरे का संकेत नहीं होगा। दरअसल, नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में स्थापित आपातकालीन सायरन प्रणाली का तकनीकी परीक्षण किया जाना है।

न्यू पुनाईचक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार, पटना के नियंत्रण कक्ष में लगे आपातकालीन सायरन का तकनीकी परीक्षण मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच किया जाएगा। विभाग की ओर से सोमवार को इस संबंध में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आम लोगों को जानकारी दी गई है।

सायरन की आवाज सुनकर न हों परेशान

निदेशालय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, परीक्षण के दौरान सायरन से निर्धारित ध्वनि प्रसारित की जाएगी। इसमें चेतावनी और हमला टलने जैसी सायरन ध्वनियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे में शहर के लोगों को अगर इस दौरान सायरन की तेज आवाज सुनाई देती है तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

विभाग ने साफ किया है कि यह कवायद पूरी तरह तकनीकी परीक्षण का हिस्सा है। इसका किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आगजनी, बाढ़, भूकंप या अन्य आपात स्थिति से कोई ताल्लुक नहीं है। लिहाजा सायरन सुनते ही किसी तरह की अफवाह पर यकीन करना या उसे आगे बढ़ाना पूरी तरह गलत होगा।

अफवाहों से बचने की अपील

आपदा प्रबंधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि परीक्षण के दौरान धैर्य बनाए रखें और अफवाहों से दूर रहें। सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से यदि सायरन को लेकर भ्रामक जानकारी सामने आती है तो उस पर भरोसा नहीं करें।

दरअसल, आपातकालीन परिस्थितियों में सायरन प्रणाली की भूमिका बेहद अहम होती है। तकनीकी परीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि जरूरत पड़ने पर चेतावनी प्रणाली सही तरीके से काम करे और समय रहते लोगों तक आवश्यक सूचना पहुंचाई जा सके। इसलिए मंगलवार को होने वाला यह परीक्षण सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने की कवायद है, न कि किसी खतरे की दस्तक।

हीरेश कुमार