पटना ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता : इनकम टैक्स गोलंबर पर भटका 5 साल का मासूम सोनू सुरक्षित मां से मिला

पटना के ट्रैफिक पुलिस का बुधवार को एक मानवीय चेहरा सामने आया। ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता से एक पांच साल का मासूम बच्चा सुरक्षित अपने परिजनों के पास पहुंचा......

सामने आया पटना ट्रैफिक पुलिस का मानवीय चेहरा- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : राजधानी पटना के अति व्यस्त इनकम टैक्स गोलंबर पर उस समय एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब राह भटक कर अकेले घूम रहे 5 वर्षीय मासूम बच्चे सोनू पर पटना ट्रैफिक पुलिस के सतर्क जवानों की नजर पड़ी। गाड़ियों के भारी दबाव और भीड़भाड़ वाले इलाके में अकेला पाकर ट्रैफिक जवानों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित अपनी कस्टडी में लिया और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।


ट्रैफिक जवानों ने दुलारकर पूछा मां का नंबर

सहानुभूति और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पहले रोते-बिलखते बच्चे को चुप कराया और उसे प्यार से दुलारा। मासूम को भरोसा दिलाने के बाद जवानों ने उससे बातचीत की और उसकी मां का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। नंबर मिलते ही ट्रैफिक जवानों ने बिना एक पल गंवाए परिजनों से संपर्क किया और उनके बच्चे के सही-सलामत मिलने की सूचना दी।


परिजनों के पहुचते ही सुपुर्द किया बच्चा

सूचना मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया व पहचान की पुष्टि के बाद ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने 5 साल के सोनू को सकुशल उसकी मां की सुपुर्दगी में सौंप दिया। खोए हुए लाल को वापस पाकर मां का रो-रोकर बुरा हाल था और उसने रुंधे गले से पुलिसकर्मियों का बार-बार आभार जताया।


पुलिस की तत्परता और मानवीय चेहरे की सराहना

इस पूरे वाकये में ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता ने आम लोगों का दिल जीत लिया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस बल के इस मानवीय रवैये की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस ने जिस सूझबूझ से काम लिया, उससे एक बड़ा हादसा होने या बच्चे के गलत हाथों में पड़ने का खतरा टल गया।


'आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता' का दिया संदेश

पटना ट्रैफिक पुलिस ने इस घटना के माध्यम से एक बार फिर अपने ध्येय वाक्य 'आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता' को चरितार्थ कर दिखाया है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में ले जाते समय उनका विशेष ध्यान रखें और उनके पास परिजनों का संपर्क नंबर या कोई पहचान अवश्य रखें ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।


रंजीत की रिपोर्ट