भोजपुर में गंगा के बाद अब सोन ने मचाया तांडव: तटवर्ती इलाकों में भीषण कटाव, दहशत में ग्रामीण

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। पटना, वैशाली और भागलपुर के बाद अब भोजपुर जिले में गंगा और सोन ने कहर मचाना शुरु कर दिया है। जिले में गंगा के बाद अब सोन में भी भीषण कटाव शुरु हो गया है जिससे ग्रामीण दहशत मे है.....

भोजपुर में गंगा के बाद अब सोन  ने मचाया तांडव: तटवर्ती इलाको
आरा के तटवर्ती इलाकों में भीषण कटाव- फोटो : आशीष

Arrah : बिहार के भोजपुर जिले में गंगा नदी के उफान और बाढ़ के कहर के बीच अब सोन नदी ने भी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ अब सोन नदी में भी भीषण कटाव शुरू हो गया है। नदी के अचानक उफान पर आने से तटवर्ती इलाकों में बसे दर्जनों गांवों के ग्रामीण भारी दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं।


इमादपुर और आसपास के गांवों में भीषण कटाव, जमीन विलीन 

सोन नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण भोजपुर जिले के तरारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत इमादपुर एवं इसके आसपास के कई गांवों में बड़े पैमाने पर जमीन का कटाव जारी है। तेज धारा के कारण ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ निजी व कृषि योग्य जमीन सोन नदी के गाल में समा चुकी है। अपनी आंखों के सामने खेतों को नदी में विलीन होते देख किसान और ग्रामीण बेहद चिंतित व हताश हैं।


अत्यधिक बालू खनन से गांव की ओर मुड़ी नदी की धार 

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पहले सोन नदी गांव से काफी दूरी पर बहा करती थी। लेकिन लगातार और अत्यधिक बालू उत्खनन के कारण नदी की गहराई काफी बढ़ गई। गहराई अधिक होने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह बदल गया और तेज धार सीधे गांव की तरफ मुड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि देखते ही देखते कटाव के कारण अब तक हजारों बीघा उपजाऊ जमीन नदी में लीन हो चुकी है।


तटवर्ती इलाकों में गहराया संकट, प्रशासन से सुरक्षा की गुहार 

सोन नदी के लगातार हो रहे कटाव से तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को अपने घर-बार खोने का डर सताने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अविलंब कटाव निरोधी (एंटी-इरोजन) कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि गांवों के अस्तित्व को बचाया जा सके और ग्रामीणों को विस्थापन के खतरे से राहत मिल सके।

आशीष की रिपोर्ट