लव मैरिज के बाद दरिंदगी: सार्जेंट मेजर पति ने सरकारी आवास में पीटा, गर्भपात कराने का भी आरोप,पत्नी बोली—'10 लाख में करना चाहते थे रिश्ते का सौदा'
बिहार पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट मेजर अविनाश राज रंजन पर उनकी पत्नी नीतू ने घरेलू हिंसा, महिला दरोगा से अफेयर और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। सचिवालय थाने में मामला दर्ज, पढ़ें पूरी खबर।
पटना में तैनात बिहार पुलिस के ट्रैफिक सार्जेंट मेजर अविनाश राज रंजन पर उनकी पत्नी नीतू कुमारी ने प्रताड़ना का संगीन मामला दर्ज कराया है। दोनों के बीच करीब 6 साल तक चले प्रेम प्रसंग के बाद, साल 2022 में दोनों परिवारों की रजामंदी से मंदिर में शादी हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनके पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और उन्हें दहेज, घरेलू हिंसा तथा जान से मारने की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला दरोगा से अफेयर और 10 लाख रुपए में रिश्ते का सौदा
नीतू कुमारी का दावा है कि बिहार पुलिस में नौकरी मिलने के बाद अविनाश के तेवर बदलने लगे थे। आरोप के मुताबिक, अविनाश का पुलिस महकमे की ही एक अन्य महिला दरोगा के साथ प्रेम संबंध (अफेयर) शुरू हो गया। पीड़िता का कहना है कि उनके पति ने उस महिला से दूसरी शादी करने के लिए उन पर तलाक का दबाव बनाया और इसके एवज में 10 लाख रुपए देने की पेशकश की। जब नीतू ने इस सौदे से इनकार कर दिया, तो उनके साथ शारीरिक और मानसिक क्रूरता की हदें पार कर दी गईं।
न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी और '20 लाख' की डिमांड
उत्पीड़न का यह मामला सिर्फ पति तक ही सीमित नहीं रहा; पीड़िता ने अपने देवर विकास रंजन पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नीतू के अनुसार, उनके देवर ने धमकी दी कि अगर उन्होंने अविनाश को तलाक नहीं दिया, तो उनकी निजी (न्यूड) तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी। इसके साथ ही, आरोपी पति ने पत्नी के सामने दो शर्तें रख दीं—या तो वे चुपचाप तलाक की अर्जी पर दस्तखत कर दें, या फिर मायके से 20 लाख रुपए दहेज के तौर पर लेकर आएं।
मारपीट के कारण मिसकैरेज और प्रताड़ना का खौफनाक दौर
इस विवाद का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब पीड़िता ने अपने गर्भपात (मिसकैरेज) की वजह भी पति के अत्याचार को बताया। नीतू ने आरोप लगाया कि साल 2023 में जब वह गर्भवती हुईं, तो अविनाश ने बच्चा गिराने का लगातार दबाव बनाया। इनकार करने पर उनके साथ इस कदर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई कि आखिरकार उनका गर्भपात हो गया। इस खौफनाक दौर के बाद जान बचाने के लिए पीड़िता को अपने मायके जाकर शरण लेनी पड़ी।
सचिवालय थाना परिसर के सरकारी आवास में जानलेवा हमला
मामले ने तब तूल पकड़ा जब शनिवार को विवाद सुलझाने के बहाने अविनाश ने नीतू को पटना बुलाया। आरोप है कि जैसे ही नीतू सचिवालय थाना परिसर स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंचीं, सार्जेंट मेजर ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और बेरहमी से पीटा। किसी तरह जान बचाकर भागते हुए नीतू सचिवालय थाने पहुंचीं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के पुलिस महकमे में होने के कारण शुरुआत में पुलिस ने उनका आवेदन लेने तक से मना कर दिया था, लेकिन काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार शिकायत दर्ज की गई।
वर्दी का रसूख और पुलिसिया जांच के घेरे में मामला
पीड़िता ने आशंका जताई है कि उनके पति अपने पद, वर्दी और रसूख का इस्तेमाल कर इस पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण पुलिस अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। दूसरी तरफ, पटना सचिवालय की SDPO-1 अनु कुमारी ने बताया कि शिकायत पुलिस के संज्ञान में आ चुकी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी सार्जेंट मेजर की तरफ से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार