भोजपुरी स्टार पवन सिंह की सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात, भाजपा एमएलसी उम्मीदवार के लिए इस दिन करेंगे नामांकन
एमएलसी चुनाव को लेकर एनडीए ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अपने कोटे से भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाया है।
Pawan Singh : बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक पवन सिंह ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सम्राट चौधरी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद पवन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई है।
पवन सिंह ने बताया कि वे 8 जून को विधान परिषद चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने भाजपा नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
संजय सरावगी से मुलाकात
इससे पहले पवन सिंह ने बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भाजपा को अपनी "मां" बताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जो सम्मान और जिम्मेदारी दी है, उसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य जनसेवा करना है और वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
पवन सिंह से भाजपा को फायदा
भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले पवन सिंह की राजनीति में सक्रिय भूमिका को भाजपा के सामाजिक विस्तार और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अब 8 जून को होने वाले नामांकन और उसके बाद की चुनावी प्रक्रिया पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
NDA के नौ उम्मीदवार
गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अपने कोटे से भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जदयू ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति तथा उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद के नाम पर मुहर लगाई है। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाया है।
काफी मजबूत है NDA
विधान परिषद चुनाव के मौजूदा गणित को देखते हुए एनडीए की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उसके सभी उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में पहली बार विधान परिषद चुनाव के मैदान में उतरे पवन सिंह की उम्मीदवारी राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
वंदना एवं नरोत्तम की रिपोर्ट