इबोला वायरस को लेकर केंद्र के अलर्ट के बाद PMCH तैयार, 8 बेड किए गए रिजर्व
Bihar News : इबोला वायरस को लेकर केन्द्र द्वारा जारी हाई अलर्ट और निर्देश के बाद बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में संभावित मरीजों के लिए तत्काल प्रभाव से 8 बेड रिजर्व कर दिए गए है....
Patna : विदेशों में पैर पसार रहे खतरनाक इबोला वायरस के बढ़ते खतरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिहार सहित पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया है। केंद्र सरकार से मिले इस निर्देश के बाद बिहार का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में वायरस से निपटने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पीएमसीएच प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में हाई-लेवल अलर्ट मोड ऑन कर दिया है।
संभावित मरीजों के लिए तत्काल प्रभाव से 8 बेड रिजर्व
पीएमसीएच के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के अलर्ट के बाद अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। इबोला वायरस के संदिग्ध या संभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में तत्काल प्रभाव से 8 बेड विशेष रूप से रिजर्व (आरक्षित) कर दिए गए हैं। इन बेडों पर मरीजों की देखरेख और इलाज के लिए जीवन रक्षक उपकरणों और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।
भारत और बिहार में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि फिलहाल भारत में इबोला वायरस का एक भी सक्रिय मरीज नहीं मिला है। उन्होंने साफ किया कि बिहार में भी स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि, एहतियात के तौर पर विदेशों से आने वाले यात्रियों और संदिग्ध लक्षण वाले लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी इनपुट पर तुरंत रिस्पॉन्स देने के लिए तैयार है।
लक्षणों के आधार पर की जा रही है संदिग्धों की जांच
डॉ. सिंह ने बताया कि भले ही देश में अभी कोई मामला नहीं है, लेकिन वायरस के तय लक्षणों (सिम्पटम्स) को मानक मानकर संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अगर किसी भी मरीज में तेज बुखार, बदन दर्द या इबोला से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें तुरंत आइसोलेट कर जांच के दायरे में लाया जाएगा। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी इन लक्षणों को लेकर विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है ताकि शुरुआती स्तर पर ही पहचान की जा सके।
कोरोना काल की तरह मुस्तैद है पीएमसीएच का सिस्टम
अस्पताल की तैयारियों की तुलना करते हुए अधीक्षक ने कहा कि पीएमसीएच में वैसी ही मुस्तैद व्यवस्थाएं की गई हैं, जैसी वैश्विक महामारी कोरोना (Covid-19) के चरम काल के दौरान की गई थीं। आइसोलेशन से लेकर इलाज के प्रोटोकॉल तक, हर स्तर पर सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की इस मुस्तैदी के कारण किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते संभाल लिया जाएगा और अस्पताल प्रशासन हर चुनौती से निपटने के लिए सक्षम है।
अनिल की रिपोर्ट