Bihar Electricity: बिहार में बिजली क्रांति की तैयारी, 78 हजार करोड़ के निवेश से बदलने जा रहा ऊर्जा का नक्शा

Bihar Electricity:बिहार की सियासत और विकास की बहस के बीच अब ऊर्जा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है।....

बिहार में बिजली क्रांति की तैयारी- फोटो : social Media

Bihar Electricity:बिहार की सियासत और विकास की बहस के बीच अब ऊर्जा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में बिजली क्षेत्र को पूरी तरह बदलने का बड़ा खाका तैयार किया है। सरकार की योजना है कि 2026 से 2031 के बीच बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के क्षेत्र में करीब 78 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा।

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के मुख्यालय विद्युत भवन में भारतीय उद्योग परिसंघ यानी भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने की, जिसमें बिहार के बिजली क्षेत्र के विकास और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार के साथ सीआईआई प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ज्योति मुकुल, सुरेंद्र राय और संजय गोयनका मौजूद रहे। इसके अलावा बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग और ट्रांसफार्मर सेक्टर से जुड़ी देश की कई बड़ी कंपनियों के करीब 17 प्रतिनिधि भी शामिल हुए।ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ड्रोन आधारित निगरानी और एआई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रही है, ताकि बिजली व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा सके।

सरकार का दावा है कि पिछले दशक में बिजली क्षेत्र में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 2013 के 1,802 मेगावाट से बढ़कर 2025 में 8,752 मेगावाट तक पहुंच गई है।

आज बिहार में 2 करोड़ 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की सेवा मिल रही है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री के विकसित और आत्मनिर्भर बिहार के विजन के तहत बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाकर राज्य में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए दरवाजे खोले जाएंगे।