13 बच्चों की मौत के बाद नहीं पहुंचे सीएम सम्राट .... शिक्षक रौशन आनंद खूब भड़के, चिराग पासवान को भी नसीहत

रोशन आनंद ने इस हादसे को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय सांसद चिराग पासवान की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पटना से राघोपुर की दूरी करीब 30 मिनट की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के यहां नहीं आए

Raghopur Boat Tragedy- फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार के राघोपुर में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद शिक्षक रोशन आनंद राघोपुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आर्थिक मदद के तौर पर 3 लाख 25 हजार रुपये देने की बात कही। साथ ही बच्चों की शिक्षा में आगे भी सहयोग करने का भरोसा दिया।


रोशन आनंद ने इस हादसे को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय सांसद चिराग पासवान की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पटना से राघोपुर की दूरी करीब 30 मिनट की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के यहां नहीं पहुंचने को लेकर उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।


स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल

रोशन आनंद ने कहा कि स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे में 13 बच्चों की मौत हुई। उनके अनुसार, हादसे के बाद 10 बच्चों को जीवित निकाला गया था, जबकि तीन बच्चों की मौत हो गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इलाके में बेहतर एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो क्या बच्चों की जान बचाने की संभावना बढ़ सकती थी। उन्होंने राघोपुर में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इलाके में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यहां एनडीआरएफ की टीम तैनात की जाए और ऑक्सीजन की सुविधा से लैस एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए।


शिक्षक रोशन आनंद ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने 8 सितंबर और 20 सितंबर को जिलाधिकारी को समस्याओं से अवगत कराया था। इसके बावजूद हादसा होना प्रशासनिक संवेदनशीलता और सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए।


 चिराग पासवान पहले इस क्षेत्र को बनाएं फर्स्ट

रोशन आनंद ने हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नारे 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' का जिक्र करते हुए उनसे अपने लोकसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान के लोकसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना हुई है। ऐसे में उन्हें अपने क्षेत्र की जनता की जरूरतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इलाके में अस्पताल, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत है। रोशन आनंद ने कहा कि चिराग पासवान के पिता और चाचा यहाँ से लगातार सांसद रहे हैं लेकिन उसके बाद भी इस इलाके में ऐसी दयनीय स्थिति है।


स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से भी की अपील

रोशन आनंद ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से भी राघोपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का औचक निरीक्षण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इलाके में अस्पतालों, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि राघोपुर में एनडीआरएफ की टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस की व्यवस्था हो, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता मिल सके।


रोशन आनंद ने कहा कि हादसे के पीड़ित परिवारों की मदद के साथ-साथ जरूरी है कि प्रशासन और सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

नरोत्तम की रिपोर्ट