Raid In Bihar: बिहार सहित 7 राज्यों में सुबह सुबह छापेमारी, इस मामले में ACB और SIT की रेड, रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों को खंगाल रही टीम
Raid In Bihar:
Raid In Bihar: बिहार-झारखंड सहित देशभर के 15 जगहों पर सुबह से ही छापेमारी जारी है। जानकारी अनुसार राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चार प्रमुख बिंदुओं अनियमित टेंडर प्रक्रिया, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, फर्जी भुगतान और मेजरमेंट बुक (MB) में गड़बड़ी पर गहन जांच शुरू की है। जांच की अगुवाई एसपी पुष्पेंद्र राठौड़ कर रहे हैं।
20 हजार करोड़ के टेंडरों में अनियमितता
SIT ने करीब 20 हजार करोड़ रुपये के स्पेशल प्रोजेक्ट टेंडरों की फाइलें खंगालनी शुरू कर दी हैं। आरोप है कि 20 टेंडरों में नियम और शर्तों में बदलाव कर चुनिंदा बड़ी फर्मों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। टेंडर में साइट इंस्पेक्शन की अनिवार्य शर्त जोड़ी गई थी, जिसके तहत कंपनियों को टेंडर से पहले साइट विजिट कर एक्सईएन से प्रमाण पत्र लेना पड़ता था। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठे। बाद में वित्त विभाग ने इन टेंडरों को रद्द कर दिया था। अब विशेष शर्त लागू करने वाले इंजीनियरों पर कार्रवाई की तैयारी है।
इरकॉन के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र
जांच में सामने आया है कि इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के नाम से कथित फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर करीब 900 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए। ये टेंडर मुख्य रूप से श्री श्याम ट्यूबवेल और गणपति ट्यूबवेल फर्म को दिए गए थे। मामले के उजागर होने पर एक्सईएन विशाल सक्सेना द्वारा केरल जाकर रिपोर्ट पेश करने की बात भी जांच के दायरे में है। SIT इस पूरे नेटवर्क में शामिल इंजीनियरों की भूमिका की जांच कर रही है।
55 करोड़ के फर्जी भुगतान की जांच
दो फर्मों को बिना कार्य किए करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है। इस मामले में 139 इंजीनियर जांच के घेरे में हैं, जिनमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल बताए जा रहे हैं। फर्जी भुगतान जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, अलवर, नीमकाथाना और झुंझुनूं जिलों में हुआ। SIT इन भुगतानों से जुड़े बिल और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
178 से अधिक मेजरमेंट बुक बरामद
घोटाले के एक अन्य पहलू में ठेकेदारों के ठिकानों से 178 से ज्यादा मेजरमेंट बुक (MB) बरामद की गई हैं। MB सरकारी संपत्ति मानी जाती है, जिसे ठेकेदारों के पास रखना नियमों के विरुद्ध है। आरोप है कि इन्हीं MB में मनमाने आंकड़े दर्ज कर करोड़ों रुपये का भुगतान कराया गया।
15 ठिकानों पर छापेमारी
ACB SIT ने जयपुर, बाड़मेर, दिल्ली, सीकर, जालोर, बिहार और झारखंड समेत 15 स्थानों पर छापेमारी की है। रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के संभावित ठिकानों की तलाशी ली गई। कई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ACB का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सैकड़ों करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है, जिससे राज्य की जल परियोजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।