सुबह सुबह तेज रफ्तार बनी काल, सड़क पर बिखरे शव और बाइक के टुकड़े, एक साथ उठेंगी तीन अर्थियां, गांव में गूंज रही चीखें
Bihar Road Accident: तेज रफ्तार की अंधी दौड़ ने तीन घरों के चिराग एक झटके में बुझा दिए, और खुशियों से भरी एक यात्रा को मातम में बदल दिया।...
Bihar Road Accident: देवघर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर शनिवार की सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार की अंधी दौड़ ने तीन घरों के चिराग एक झटके में बुझा दिए, और खुशियों से भरी एक यात्रा को मातम में बदल दिया।
जिलेबियामोड़ थाना क्षेत्र के बिज्जीखैरवा गांव के समीप सुबह करीब 6 बजे हुई इस भीषण टक्कर ने सब कुछ तबाह कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार और बाइक दोनों ही सरपट दौड़ रहे थे गोया सड़क नहीं, कोई रेस का मैदान हो। आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए; पहिया और इंजन अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। बाइक सवार तीनों युवक सुरेंद्र साह, रुपेश साह और बालेश्वर शाह मौके पर ही दम तोड़ बैठे। बताया जा रहा है कि तीनों आपस में सगे और चचेरे भाई थे, और फुलीडूमर थाना क्षेत्र के बबरझोप गांव के निवासी थे।
इस हादसे का दूसरा पहलू भी कम दर्दनाक नहीं। गढ़वा के नगमा गांव से निकला एक परिवार बाबा धाम की यात्रा पर था दिल में आस्था, आंखों में उम्मीद। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। कार सवार पुष्पा कुमारी, प्रिया कुमारी और खुशबू कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने फौरन इंसानियत का फर्ज निभाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी नाजुक हालत देखते हुए भागलपुर रेफर कर दिया गया।
टक्कर के बाद का मंजर किसी कयामत से कम नहीं था सड़क पर बिखरे बाइक के टुकड़े, हर तरफ चीख-पुकार और मातमी सन्नाटा। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कुछ देर के लिए पूरा मार्ग जाम हो गया, जिसे बड़ी मुश्किल से बहाल कराया गया।
जैसे ही यह खबर बबरझोप गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक साथ तीन अर्थियों की आशंका ने पूरे इलाके को ग़मगीन कर दिया। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है क्या हमारी सड़कों पर रफ्तार ही अब सबसे बड़ा दुश्मन बन चुकी है? प्रशासन की अपील है सावधानी ही बचाव है। मगर सवाल यही है, क्या लोग इस नसीहत को अब भी गंभीरता से लेंगे, या अगली खबर फिर किसी नए मातम की दास्तां होगी?
बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट