खबर का खंडन: जांच में फर्जी साबित हुई सोशल मीडिया पर वायरल खबर, पत्रकार ने मानी गलती
पटना: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक खबर को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल खबर पूरी तरह से निराधार और फर्जी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह पाया गया कि वायरल खबर में इस्तेमाल की गई तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ (एडिट और मॉर्फ) की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना कथित तौर पर जहां की बताई जा रही थी (खाजेकलां घाट), यह वहां से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है। भ्रामक रूप से इस खबर को फैलाया गया था।
पत्रकार ने मानी गलती, भरा गया बांड पत्र
इस मामले को लेकर जब संबंधित पत्रकार से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उन्होंने पुलिस को यह आश्वासन भी दिया है कि भविष्य में उनके द्वारा इस तरह की कोई भी गलती नहीं दोहराई जाएगी। इसके बाद पुलिस ने उनसे एक बांड पत्र (Bond Paper) भरवाया है और भविष्य के लिए उन्हें सख्त चेतावनी (सचेत) देकर छोड़ा है।
न्यूज़ पोर्टल छापेगा खंडन
इस फर्जी खबर के वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय सहित विभिन्न स्तरों पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में संबंधित न्यूज़ पोर्टल के संपादक से भी बातचीत की गई है। संपादक ने आश्वस्त किया है कि वे जल्द ही अपने पोर्टल पर इस खबर का एक औपचारिक खंडन प्रकाशित करेंगे। खंडन प्रकाशित होने के बाद पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप देगी।