बिहार न्यायिक सेवा में फेरबदल: मुंशी लाल गौतम बने अरवल परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, अधिसूचना जारी

बिहार न्यायिक सेवा में फेरबदल हुआ है। पटना हाईकोर्ट की अनुशंसा पर पश्चिम चंपारण के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मुंशी लाल गौतम को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटि में नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है....

Patna : बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण पदस्थापना करते हुए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। पटना उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में की गई इस तैनाती के तहत वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बुधवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया।


मुंशी लाल गौतम को मिली नई जिम्मेदारी

जारी अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम चम्पारण (बेतिया) में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत मुंशी लाल गौतम को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोटि में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें स्थानांतरण करते हुए प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय (अरवल) के पद पर पदस्थापित किया गया है।


उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर हुआ पदस्थापन

यह पदस्थापना उच्च न्यायालय, पटना के महानिबंधक द्वारा 07 सितंबर 2026 को संसूचित अनुशंसा के आलोक में की गई है। बिहार राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव रजनीश कुमार के हस्ताक्षर हैं। आदेश के तहत नए पदस्थापन की प्रक्रिया को अविलंब प्रभावी करने का निर्देश दिया गया है।


राजपत्र में प्रकाशन और प्रशासनिक निर्देश

अधिसूचना की प्रतियां राजकीय मुद्रणालय और ई-गजट कोषांग को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में प्रकाशनार्थ भेज दी गई हैं। इसके अतिरिक्त महालेखाकार बिहार, विधि विभाग, पटना उच्च न्यायालय तथा संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को सूचनार्थ और आवश्यक कार्यवाही हेतु पत्र की प्रतिलिपि प्रेषित कर दी गई है।


परिवार न्यायालय के कार्यों में आएगी तेजी

अरवल में प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) के रूप में मुंशी लाल गौतम की तैनाती से जिले में पारिवारिक विवादों और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नए पदस्थापन से स्थानीय स्तर पर न्याय प्रक्रिया और अधिक सुगम व प्रभावी होगी।