बाढ़ विधानसभा के RJD प्रत्याशी लल्लू मुखिया ने कोर्ट में किया सरेंडर, न्यायिक हिरासत में भेजे गए जेल

कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया जो हत्या के एक मामले में फरार चल रहे ने उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद शनिवार को बाढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया

पटना  से सटे बाढ़ विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी रहे कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया ने शनिवार को बाढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वे हत्या के एक मामले में फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। चुनाव के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से कुछ महीनों के लिए अस्थायी राहत दी थी, जिसके बाद वे भूमिगत हो गए थे और पुलिस उनके घर की कुर्की भी कर चुकी थी। उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद, राहत की अवधि समाप्त होते ही लल्लू मुखिया ने शनिवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया।


जमानत याचिका खारिज होने के बाद आत्मसमर्पण

लल्लू मुखिया को वर्ष 2023 में हत्या के एक मामले में प्राथमिकी (FIR) में मुख्य अभियुक्त बनाया गया था, जिसके बाद से ही वे पुलिस की पकड़ से दूर थे। चुनाव में खड़े होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्हें कुछ समय के लिए गिरफ्तारी से राहत मिली थी, लेकिन जैसे ही यह राहत अवधि समाप्त हुई और उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, उनके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। कोर्ट के आदेश पर उन्हें हिरासत में लिया गया और सरेंडर करने के लगभग छह घंटे बाद, उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर बाढ़ जेल भेज दिया गया।


अनंत सिंह के करीबी रहे हैं लल्लू मुखिया, ललन सिंह पर फंसाने का आरोप

कर्णवीर सिंह यादव उर्फ लल्लू मुखिया का बिहार की राजनीति में पुराना इतिहास रहा है। वह पहले बाहुबली नेता अनंत सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं। इसके अलावा, लल्लू मुखिया अक्सर मुंगेर के सांसद ललन सिंह पर उन्हें राजनीतिक मामलों में फंसाने का गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। चुनाव से पहले तक उनकी गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस ने उनके घर की कुर्की भी की थी। अब कोर्ट में सरेंडर के बाद इस हत्या मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी।