पटना का मरीन ड्राइव ऐसा की मुम्बई भूल जाएंगे,तीन महीने में लगेंगे लाखों पेड़, दरख्त की छांव में सौर करना कुछ अलग ही एहसास

Patna Marine Drive: मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तर का बड़ा एक्वेरियम विकसित करने की योजना भी प्रगति पर है। ...

Patna Marine Drive
मरीन ड्राइव पर पेड़ों की बहार- फोटो : Hiresh Kumar

Patna Marine Drive:भागदौड़ की जिन्दगी में लोग अक्सर शांति की तलाश में रहते हैं।लोग पहड़ों से लेकर समुद्र की ओर रुख करते हैं। अगर आप राजधानी पटना में हैं और अपने दिनभर के कामकाज समय निकाल कर कुछ देर के लिए शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो पटना में मरीन ड्राइव से अच्छी जगह और क्या हो सकती है। सरकार ने इसे हराभरा बनाने के लिए तीन महीने में एक लाख पेंड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। अगले तीन महीने में एक लाख पेड़ लगाने का बिहार सरकार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। राज्य में विकास कार्यों के कारण जहां भी पेड़ काटे जाते हैं, वहां उनकी भरपाई अन्य स्थानों पर उससे कहीं अधिक संख्या में पेड़ लगाकर की जाती है। पिछले लगभग 20 वर्षों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान मिला है।

शनिवार को होटल ताज सिटी सेंटर में आयोजित कार्यशाला मानव-वन्यजीव द्वंद से सह-अस्तित्व की ओर में राज्य के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव कम करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में हरित आवरण बीते 20 वर्षों में बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है, जबकि राज्य के बंटवारे के समय यह मात्र 6 प्रतिशत था।

उन्होंने यह भी कहा कि ईको टूरिज्म के विकास के लिए वाल्मीकि नगर में करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से लव-कुश पार्क बनाया जा रहा है। मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तर का बड़ा एक्वेरियम विकसित करने की योजना भी प्रगति पर है। इसके अलावा पटना में जल्द ही वाटर मेट्रो रेल शुरू होने वाली है, जो शहर में आधुनिक विकास का नया अध्याय खोलेगी।

केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री और मुजफ्फरपुर से सांसद डॉ. राज भूषण चौधरी ने मानव और वन्यजीव संघर्ष के कारण वन्यजीवों के आवास नष्ट होने की चिंता जताई और कहा कि वन्यजीव कॉरिडोर के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना जरूरी है। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर में पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देशी पेड़ लगाने की योजना का खुलासा किया। उनका कहना था कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना समय की मांग है।

कार्यक्रम में वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, आरा से सांसद सुदामा प्रसाद, अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही भीमबांध वन्यप्राणी आश्रयणी का सर्वे रिपोर्ट विमोचन किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह मिशन न केवल शहर को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन कायम रखकर पटना को एक उदाहरणीय मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।