NEET Student Rape Death: शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर जमकर भड़की रोहिणी आचार्य, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल को की सील करने की मांग, कहा- खुद पहल करें मुख्यमंत्री
NEET Student Rape Death:रोहिणी आचार्य ने ट्विट कर लिखा कि, "पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार हुई युवती के इलाज के दौरान पटना के प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल व् वहाँ के डॉक्टरों के द्वारा युवती के शरीर पर मौजूद दर्जनों जख्मों के निशानों.
NEET Student Rape Death: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमयी मौत अब सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरा मामला कानून, सिस्टम और सड़कों पर उतर आए गुस्से के बीच फंसता नजर आ रहा है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा की मौत के बाद उठे बवाल ने अब हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल और उसके संचालक डॉ. सतीश कुमार सिंह को भी सीधे कटघरे में ला खड़ा किया है। इस अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी बीच रोहिणी आचार्य ने भी अस्पताल पर कार्रवाई करने की मांग की है। रोहिणी आचार्य ने ट्विट कर सीएम नीतीश से बड़ी अपील की है।
रोहिणी आचार्य की बड़ी मांग
रोहिणी आचार्य लगातार इस मामले में ट्विट कर रही है। एक बार फिर उन्होंने ट्विट कर सीएम नीतीश से बड़ी मांग की है और कहा है कि सीएम खुद इस मामले की मॉनिटरिंग करें। रोहिणी आचार्य ने ट्विट कर लिखा कि, "पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार की शिकार हुई युवती के इलाज के दौरान पटना के प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल व् वहाँ के डॉक्टरों के द्वारा युवती के शरीर पर मौजूद दर्जनों जख्मों के निशानों को जान - बूझ कर अनदेखा करना , उन्हें छुपाने - दबाने की हरसंभव कोशिश करना, मामले के बारे में बिना पुलिस - प्रशासन को इत्तला किए युवती को हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज करना, परिजनों को सच्चाई से अवगत नहीं कराना, साक्ष्यों के साथ आपराधिक छेड़ - छाड़ करना और युवती के साथ हुए बलात्कार की बात को नकारना - झुठलाना प्रथदृष्टया ही संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है ..।"
सीएम नीतीश खुद करें मामले की मॉनिटरिंग
उन्होंने आगे लिखा कि, "मृतक युवती के परिजनों के द्वारा भी हॉस्पिटल की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाते हुए, हॉस्पिटल प्रबंधन और इलाज करने वाले डॉक्टर पर सीधा आरोप लगाया गया है .. परिजनों के आरोपों व् हॉस्पिटल के द्वारा बरती गयी लापरवाही के संदर्भ में उजागर तथ्यपूर्ण जानकारी को आधार बना कर हॉस्पिटल व् इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई एवं जाँच की प्रक्रिया के पूरे होने तक हॉस्पिटल को सील किए जाने की आवश्यकता है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर माननीय मुख्यमंत्री जी से मेरी अपील है कि वो इस मामले की मॉनिटरिंग स्वयं करें और अपने मातहत अधिकारियों को जाँच की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने का निर्देश देते हुए त्वरित न्याय मिलना सुनिश्चित करें।
3 दिनों तक भर्ती थी छात्रा
जानकारी के मुताबिक, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में तबीयत बिगड़ने के बाद छात्रा को सबसे पहले हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब तीन दिनों तक छात्रा यहीं इलाजरत रही। जब हालत में सुधार नहीं हुआ, तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन मेदांता में इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। यहीं से पूरा मामला आग की तरह फैल गया। छात्रा की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन और आरोपों की झड़ी लग गई। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही से लेकर सच्चाई छुपाने तक के इल्ज़ाम लगाए गए हैं।