Bihar Politics: 'घुसपैठियों ने किया लालूवाद को तहस - नहस'...राजद की कार्यकारिणी बैठक से पहले भड़की रोहिणी आचार्य, तेजस्वी पर दागे ये सवाल

Bihar Politics: रोहिणी आचार्य ने मौजूदा हालात को “कड़वी, चिंताजनक और दुखद सच्चाई” बताते हुए आरोप लगाया कि आज जनता के हक-हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए पहचानी जाने वाली पार्टी की असली कमान ऐसे लोगों के हाथ में है, जिन्हें फासीवादी ताकतों ने लालूवाद को कमज

रोहिणी आचार्य का बड़ा हमला - फोटो : social media

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक आज 25 जनवरी को पटना के होटल मौर्य में सुबह 11:30 बजे से शुरू होने जा रही है। सियासत के गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि यहां से RJD की सियासी दिशा और दशा दोनों का खाका तैयार होगा। वहीं बैठक से पहले ही रोहिणी आचार्य ने बड़ा हमला बोला है। रोहिणी ने तेजस्वी यादव पर भी बिना नाम लिए ही जबरदस्त हमला बोला है।

असली लालूवादी कौन

रोहिणी आचार्य ने राजद की बैठक से पहले कहा कि "जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी - वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक - आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व्  विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध - संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा ...।" 

घुसपैठियों ने लालूवाद को किया तहस-नहस

रोहिणी ने आगे कहा कि, "वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि " आज जनता के हक़ - हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन - जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों - साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस - नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है , कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं "। 

इशारों में तेजस्वी पर हमला 

उन्होंने कहा कि, "नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने , सवालों से बचने , जवाब देने से मुँह चुराने, तार्किक - तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फ़ैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर "वो" चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है"।

रोहिणी के बयान के मायने 

रोहिणी आचार्य का बयान केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राजद के भीतर चल रहे अंतर्विरोध और नेतृत्व संकट की ओर साफ इशारा करता है। रोहिणी के शब्दों से यह स्पष्ट है कि राजद में असंतोष अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रहा। पार्टी के भीतर नेतृत्व, फैसलों और दिशा को लेकर गहरी खींचतान चल रही है, जो अब खुले मंच पर आ चुकी है। उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन “जिम्मेदारी संभाल रहे लोग”, “सवालों से भागना” और “चुप्पी साधना” जैसे शब्द मौजूदा नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह संकेत है कि शीर्ष स्तर पर जवाबदेही की कमी को लेकर भीतर ही भीतर गुस्सा है। ऐसे में अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या रोहिणी नहीं चाहती कि तेजस्वी यादव राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बनें? क्या रोहिणी तेजस्वी के नेतृत्व से नाराज हैं? रोहिणी ने दावा किया है कि राजद को बर्बाद करने वाले अपने साजिश में सफल हो रहे हैं। रोहिणी के इस हमले से सियासी सरगर्मी सातवें आसमान पर हैं।