धूमधाम से मना 'रोटी बैंक' का तीसरा स्थापना दिवस : 3 वर्षों में बांटे 21 हजार से अधिक भोजन पैकेट, सेवादारों को मिला सम्मान

कोशी ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित 'रोटी बैंक सुपौल' ने रेडक्रॉस सभागार में अपना तीसरा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, जिसमें मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर पिछले 3 वर्षों के कार्यों की समीक्षा की गई

धूमधाम से मना 'रोटी बैंक' का तीसरा स्थापना दिवस- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला मुख्यालय स्थित रेडक्रॉस सभागार में कोशी ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित 'रोटी बैंक सुपौल' का तृतीय स्थापना दिवस बेहद उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान रोटी बैंक की मूल संकल्पना, इसके निस्वार्थ उद्देश्यों और पिछले तीन वर्षों के सफल सेवा कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों और संस्था के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने रोटी बैंक के सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक व प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए और अपने आर्थिक व सामाजिक सहयोग की घोषणा की।


'लड़ाई भूख से' के संकल्प के साथ सदर अस्पताल और चौक-चौराहों पर भोजन वितरण

संस्था के कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए वरिष्ठ सदस्य रामकुमार चौधरी ने बताया कि 'रोटी बैंक' स्थापना काल से ही "लड़ाई भूख से" की अनूठी अवधारणा पर काम कर रहा है। संयोजक सह अध्यक्ष दीपिका के कुशल नेतृत्व में पिछले 3 वर्षों के दौरान अकेले सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के असहाय परिजनों के बीच 20 से 21 हजार पैकेट से अधिक गुणवत्तापूर्ण भोजन का वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा संस्था के सक्रिय कार्यकर्ताओं द्वारा देर रात तक शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और महादलित बस्तियों में घूम-घूमकर भूखे व जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है।


स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशों से भी मिल रहा है डोनेशन, सेवा को मिल रहे नए पंख

रोटी बैंक की विश्वसनीयता और सेवा भावना का दायरा अब केवल सुपौल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है। कार्यक्रम में बताया गया कि नगर वासियों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले कई प्रवासी भारतीय भी डोनेशन (दान) के माध्यम से इस पुनीत कार्य से लगातार जुड़ रहे हैं। लोग अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों जैसे— वैवाहिक वर्षगांठ, जन्मदिन, बच्चों की छठी हारी, संपीडन (श्राद्ध कर्म) एवं पूर्वजों की पुण्यतिथि को यादगार बनाने के लिए रोटी बैंक के माध्यम से भूखों को भोजन कराने के लिए स्वेच्छा से दान दे रहे हैं।


अतिथियों ने रखे विचार, अध्यक्ष दीपिका ने सहयोगियों के प्रति जताया आभार

समारोह में बतौर अतिथि उपस्थित डॉ. कन्हैया प्रसाद सिंह, केशव अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार अमर, शरद मोहनका और सूरज सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए रोटी बैंक की इस मानवीय पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सुपौल की युवा टीम इसे बखूबी निभा रही है। संस्था की अध्यक्ष दीपिका ने सभी अतिथियों का अंग वस्त्र देकर स्वागत किया और कहा कि समाज के हर वर्ग के निरंतर मिल रहे सहयोग के कारण ही यह सफर आज तीन साल पूरे कर सका है। उन्होंने आगे भी इसी तरह का सहयोग बनाए रखने की अपील की।


सराहनीय भूमिका निभाने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं और सेवादारों को मिला सम्मान

स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक मोड़ पर संस्था द्वारा समाज के लिए दिन-रात एक करने वाले अग्रिम पंक्ति के सक्रिय कार्यकर्ताओं को मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें निरंतर निस्वार्थ सेवा कार्य के लिए राजेश कुमार मल्लिक, आशुतोष भगत, कन्हैया कुमार शाह, विद्या मोहनका और प्रियंका यादव को उनकी सराहनीय भूमिका के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को और ऊंचा किया है।


कार्यक्रम में नगर के कई गणमान्य लोग और मातृशक्ति रही मौजूद

इस भव्य स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने में शहर के कई गणमान्य लोगों, युवाओं और महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मौके पर मुख्य रूप से रागिनी सिंहा, सपना जायसवाल, नीता कुमारी, योग माया चौधरी, राजेश मोहनका, जय नारायण चौधरी, उमेश चौधरी, संतन गुप्ता, साकेत शुभम, शिवेंद्र मलिक, निशात अंजुम, अमरनाथ शाह, अनु कुमारी एवं मोहित झा सहित 'रोटी बैंक परिवार' के अनेक सदस्य और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस मानवीय अभियान को और आगे ले जाने का संकल्प लिया।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट