मुंबई के लिए चलनेवाली इस स्पेशल ट्रेन का 31 मार्च से बंद होगा परिचालन, 150% यात्रीभार के बावजूद रेलवे का फैसला
सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (05585/05586) 31 मार्च से बंद हो रही है। भारी भीड़ और 150% ऑक्युपेंसी के बावजूद ट्रेन बंद होने से यात्रियों में आक्रोश है।
Patna - : सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन (05585/05586) के परिचालन को 31 मार्च के बाद बंद किया जा रहा है। रेलवे के इस फैसले ने उन हजारों यात्रियों को अधर में लटका दिया है जो गर्मियों की छुट्टियों और त्योहारों के बाद काम पर लौटने की योजना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रेन में लगातार 150 प्रतिशत से अधिक का यात्रीभार होने के बावजूद इसके फेरे नहीं बढ़ाए गए।
अंतिम यात्रा की तारीखें तय
जानकारी के अनुसार, सहरसा से इस ट्रेन की अंतिम यात्रा 27 मार्च को पूरी हो चुकी है। अब लोकमान्य तिलक टर्मिनल से यह आखिरी बार 29 मार्च को रवाना होगी। अपनी बेहतर समय-सारणी और तेज रफ्तार के कारण यह ट्रेन बहुत कम समय में कोसी और मिथिलांचल के यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई थी, लेकिन अब इसके बंद होने से यात्रियों के पास विकल्पों की भारी कमी हो गई है।
आंकड़ों में भारी भीड़: बुकिंग के लिए मची थी मारामारी
ट्रेन की लोकप्रियता का अंदाजा बुकिंग के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। मुजफ्फरपुर से 300, समस्तीपुर से 200, सहरसा से 200 और खगड़िया से 150 से अधिक यात्रियों ने इस ट्रेन में आरक्षण कराया था। इसके अलावा सामान्य कोचों में भी क्षमता से कहीं अधिक भीड़ देखी जा रही थी। हाजीपुर और हसनपुर रोड जैसे स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में लोग इस ट्रेन का लाभ उठा रहे थे।
मुंबई जाने वाली अन्य ट्रेनों का हाल: 'वेटिंग' भी हुई बंद
वर्तमान में मुंबई के लिए उपलब्ध अन्य विकल्पों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है:
पवन एक्सप्रेस: अगले दो महीनों तक किसी भी श्रेणी में कोई सीट उपलब्ध नहीं है।
समस्तीपुर-लोकमान्य तिलक स्पेशल (01043/44): गर्मी के लिए चलाई गई इस ट्रेन के सभी ट्रिप पहले ही फुल हो चुके हैं और अब वेटिंग लिस्ट भी बंद कर दी गई है। अन्य ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण यात्री अब निजी बसों या महंगे हवाई सफर के लिए मजबूर हो रहे हैं।
यात्रियों की मांग: जुलाई तक बढ़ाया जाए परिचालन
स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों ने रेलवे बोर्ड और पूर्व मध्य रेल (ECR) से पुरजोर मांग की है कि भारी मांग को देखते हुए सहरसा-लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन का परिचालन कम से कम जुलाई तक बढ़ाया जाए। कई सामाजिक संगठनों ने इसे स्थायी रूप से नियमित ट्रेन का दर्जा देने की भी वकालत की है ताकि उत्तर बिहार के प्रवासियों को साल भर सुगम सफर मिल सके।