बड़ी तैयारी: रोहतास बनेगा डिफेंस हब, मुख्य सचिव ने DRDO टीम के साथ इंद्रपुरी में 190 एकड़ जमीन का किया मुआयना

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने रोहतास के इंद्रपुरी में डीआरडीओ अधिकारियों के साथ 190 एकड़ जमीन का निरीक्षण किया। गृहमंत्री अमित शाह के आयुध कारखाने के वादे पर अमल शुरू।

बड़ी तैयारी: रोहतास बनेगा डिफेंस हब, मुख्य सचिव ने DRDO टीम

Sasaram - रोहतास जिले के लिए एक बड़ी सौगात की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को डीआरडीओ (DRDO) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंद्रपुरी स्थित जल संसाधन विभाग की 190 एकड़ भूमि का विस्तृत मुआयना किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य रक्षा अनुसंधान और आयुध निर्माण के क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को तलाशना है। अधिकारियों ने इस भूमि को रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त पाया है, जिससे भविष्य में रोहतास को रक्षा मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है।

इंद्रपुरी में 190 एकड़ भूमि का गहन निरीक्षण

मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली टीम ने इंद्रपुरी बराज और सोन बराज के पश्चिमी छोर पर स्थित सिंचाई विभाग की जमीन का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान स्थल की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध आधारभूत संरचना और जल संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्य सचिव ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों, जिनमें शरद चंद्र मान यादव और बीके सिंह शामिल थे, के साथ इस भूमि की भविष्य की उपयोगिता पर गहन मंथन किया। इस दौरान सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी मौजूद रहे।

गृहमंत्री अमित शाह के वादे को पंख लगाने की तैयारी

रोहतास में आयुध कारखाने (Ordnance Factory) की स्थापना की नींव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के दौरान सासाराम में रखी थी। उन्होंने जनता से वादा किया था कि जिले में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसी घोषणा के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने उपयुक्त भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। मुख्य सचिव के इस दौरे को उसी वादे को हकीकत में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

रणनीति तैयार: रोजगार और विकास के खुलेंगे द्वार

निरीक्षण के बाद आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डीएम उदिता सिंह, एसपी और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता सहित अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे डीआरडीओ की जरूरतों के हिसाब से जल की उपलब्धता और अन्य संसाधनों को सुनिश्चित किया जाए। यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो इससे न केवल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर प्रशासन का जोर

परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए बैठक में डीएफओ और बीसैप (BSAP) के कमांडेंट को भी शामिल किया गया था, ताकि वन भूमि और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर भी स्पष्टता रहे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थल की वर्तमान स्थिति और संभावित विकास योजनाओं का विस्तृत ब्योरा तैयार करें। राज्य सरकार केंद्र को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है, ताकि रोहतास जल्द ही आयुध निर्माण के क्षेत्र में बिहार का गौरव बन सके।