बिहार में ऊर्जा सचिव का ऑन द स्पॉट एक्शन, लापरवाह कार्यपालक अभियंता को किया सस्पेंड, कार्रवाई से मचा हड़कंप

बिजली उपकेंद्रों के खराब रख-रखाव और निरीक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में एमआरटी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार को ऊर्जा सचिव ने निलंबित कर दिया है।

Patna/Saharsa -  बिहार के ऊर्जा प्रमंडल सहरसा में कर्तव्यहीनता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक और ऊर्जा सचिव  मनोज कुमार सिंह (भा.प्र.से.) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमआरटी प्रमंडल सहरसा के विद्युत कार्यपालक अभियंता  सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह फैसला विभाग में अनुशासन और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

निरीक्षण में खुली पोल: मेंटेनेंस में मिली भारी खामियां

यह निलंबन ऊर्जा सचिव द्वारा 10 मार्च 2026 को सहरसा विद्युत आपूर्ति अंचल के औचक निरीक्षण के बाद किया गया हैनिरीक्षण के दौरान यह कड़वा सच सामने आया कि अंचल के अंतर्गत आने वाले विद्युत शक्ति उपकेंद्रों का रख-रखाव मानक के अनुरूप नहीं किया जा रहा था. ऊर्जा सचिव ने पाया कि तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस की कमी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ था, जो विभाग की छवि पर सीधा प्रहार है।

छह महीने में मात्र 10 निरीक्षण: आंकड़ों ने उजागर की लापरवाही

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले शक्ति उपकेंद्रों के सतत निरीक्षण के निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी कीपिछले छह महीनों के दौरान उन्होंने मात्र 10 उपकेंद्रों का ही दौरा किया, जो विभागीय एसओपी (SOP) और निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले बेहद कम हैउनकी इस निष्क्रियता को विभाग ने विभागीय निर्देशों के उल्लंघन और गंभीर कर्तव्यहीनता की श्रेणी में रखा है.

गर्मी को लेकर सख्त चेतावनी: एसओपी का पालन अनिवार्य

आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निर्बाध बिजली आपूर्ति में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगीउन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) संधारित करने का सख्त आदेश दिया हैउन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी भी स्तर पर बिजली आपूर्ति में बाधा या कार्य के प्रति उदासीनता पाई गई, तो संबंधित अधिकारी पर इससे भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

अभियंताओं में हड़कंप: जवाबदेही तय करने का संदेश

इस कार्रवाई के बाद पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता को दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सुनील कुमार का निलंबन अन्य अधिकारियों के लिए भी एक सबक है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निर्धारित मानकों के अनुरूप करना होगा. विभाग अब अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।