SIR विवाद पर सम्राट चौधरी का विपक्ष पर पलटवार, मतदाता सूची को शुद्धिकरण जरूरी, अब नहीं चलता 'बूथ कैप्चरिंग'

सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान विपक्ष एक भी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाया, जिसके बारे में यह साबित हो कि वह बिहार का वैध मतदाता है

Samrat Choudhary on SIR- फोटो : news4nation

SIR :  मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि  SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार सहित देश में पहले भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है। विपक्ष जिस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, वह पहले भी लागू की जा चुकी है।


यह बयान ऐसे समय आया है जब 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के सामने दर्ज की थीं। रिपोर्ट में इन आपत्तियों को SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटाबेस से जुड़े फैसलों से जोड़ा गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों पर स्पष्ट किया कि SIR समेत सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे।


2003 में राबड़ी देवी के कार्यकाल में भी हुआ था SIR

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 2003 में भी SIR की प्रक्रिया हुई थी, उस समय राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं। इसके बाद 2025 में भी SIR की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 से बिहार में SIR की शुरुआत हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद लोगों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की विंडो खोली गई थी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम 2003 के SIR में मौजूद है, उनके लिए प्रक्रिया में परेशानी की स्थिति नहीं है।


‘विपक्ष एक भी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाया’

सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान विपक्ष एक भी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाया, जिसके बारे में यह साबित हो कि वह बिहार का वैध मतदाता है और SIR के कारण उसका नाम गलत तरीके से काट दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 7 लाख ऐसे नाम हटाए गए जिनकी दो जगह एंट्री थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए ऐसी डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना जरूरी था।


उन्होंने कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार के समय SIR जैसी प्रक्रिया होती थी तब किसी को परेशानी नहीं थी, लेकिन अब एक गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति यानी देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं तो विपक्ष सवाल उठा रहा है।


राहुल गांधी और विपक्ष पर भी साधा निशाना

सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन आंदोलन मुद्दों और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को परिवार आधारित पार्टी बताते हुए कहा कि लंबे समय तक गांधी परिवार ने देश का शासन संभाला और आज देश की स्थिति के लिए कांग्रेस को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।


‘बूथ कैप्चरिंग का दौर खत्म हो चुका है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार में बूथ कैप्चरिंग का दौर समाप्त हो चुका है और जनता ही लोकतंत्र में मालिक है। उन्होंने कहा कि NDA मिलकर चुनाव लड़ता है और इसी एकजुटता के कारण चुनाव में सफलता मिलती है। सम्राट चौधरी ने विपक्ष से अपील की कि यदि SIR को लेकर कोई वास्तविक गड़बड़ी है तो वह ठोस तथ्य और संबंधित मतदाता का मामला सामने रखे। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों के आधार पर सवाल उठाए जाने चाहिए।

नरोत्तम की रिपोर्ट