Bihar Politics: सम्राट का मदरसे से मुख्यमंत्री तक का सफर, लालू से राजनीति का ककहरा सीखे 'चौधरी' पर बीजेपी ने कैसे जताया भरोसा, जानिए पूरी खबर

Bihar Politics: सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। सम्राट बचपन में मदरसे में पढ़ाई की थी वहीं अब वो बिहार की गद्दी को संभालने वाले हैं।

सम्राट पर बीजेपी को भरोसा - फोटो : social media

Bihar Politics: बिहार की राजनीति का अब नया युग शुरु हो गया है। इस नए युग के 'सम्राट' बीजेपी के सम्राट चौधरी हैं। मंगलवार को सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया जिसके बाद साफ हो गया कि बिहार के अगले सीएम सम्राट चौधरी होंगे। आज यानी बुधवार को सम्राट चौधरी बिहार के 24वें सीएम के रुप में शपथ लेंगे। नए सीएम का शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में होगा। सम्राट चौधरी मात्र 8 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। जिसके पहले वो जदयू में थे। सम्राट चौधरी ने लालू यादव की पार्टी राजद से अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। सम्राट ने मदरसे से पढ़ाई की शुरुआत की थी। आज सम्राट चौधरी ने मदरसे से मुख्यमंत्री का सफर तय कर लिया है। आइए जानते हैं कि लालू यादव से राजनीति का ककहरा सीखने वाले सम्राट चौधरी पर बीजेपी ने कैसे भरोसा जताया? 

लालू से सीखा राजनीति का ककहरा

बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। 58 वर्षीय सम्राट चौधरी आज राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वे बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे। परिवार में प्यार से ‘गुल्लू’ कहे जाने वाले सम्राट चौधरी का राजनीतिक और सामाजिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। 1968 में कुशवाहा (कोइरी) परिवार में जन्मे सम्राट चौधरी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और सांसद रह चुके हैं। सम्राट चौधरी की शुरुआती पढ़ाई गांव के मदरसे से हुई, जहां उन्होंने हिंदी, उर्दू और संस्कृत की बुनियादी शिक्षा हासिल की। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से पूरी की। उनकी यह शैक्षणिक यात्रा बिहार से तमिलनाडु तक फैली रही, जो उनके व्यापक अनुभव को दर्शाती है।

फिर सम्राट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

सम्राट चौधरी शुरुआती दौर में लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार में भी अहम भूमिकाएं निभाईं। वे उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे और नीतीश सरकार में पहले गृह मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। सम्राट चौधरी राजद से जदयू होते हुए साल 2018 में बीजेपी में शामिल हुए। बीजेपी में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी ने मुड़कर कभी पीछे नहीं देखा। कम अवधि में ही सम्राट चौधरी ने सरकर से लेकर संगठन तक में अहम जिम्मेदारी निभाई। वहीं अब खुद बिहार की बागडोर भी संभालेंगे। 

CM बनने के बाद क्या बोले सम्राट

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह पद उनके लिए जिम्मेदारी है और वे बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए रास्ते पर ले जाने के लिए काम करेंगे। लखनपुर की गलियों में खेलने वाला एक बच्चा अब बिहार की सत्ता के शीर्ष पर पहुंच चुका है। सम्राट चौधरी की यह यात्रा बताती है कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी कड़ी मेहनत और संघर्ष के दम पर ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के रूप में वे बिहार की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।