Saran Flood News: गंगा, सरयू, सोन और गंडक के उफान से छपरा के कई पंचायतों का संपर्क टूटा

सारण में चार नदियों गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस गया है। 3 पंचायतों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है और चिरांद के पास भीषण कटाव जारी है।

छपरा में गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट- फोटो : Reporter

छपरा सहित पूरे सारण जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर में भयानक वृद्धि दर्ज की गई है। चारों प्रमुख नदियों के एक साथ उफान पर आने से जिले के तटीय और दियारा इलाकों में तबाही की स्थिति बन गई है। निचले हिस्सों में तेजी से फैलते पानी ने ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।


संवेदनशील इलाकों में भीषण कटाव, ऐतिहासिक चिरांद पर मंडराया खतरा

जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही नदियों की तेज धारा ने कई स्थानों पर भीषण कटाव शुरू कर दिया है। सारण सदर प्रखंड के डोरीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत तिवारी घाट, नोकिया टोला और ऐतिहासिक व पुरातात्विक स्थल चिरांद के आसपास कटाव काफी तेज हो गया है। नदी द्वारा किनारों को लगातार काटे जाने से ग्रामीणों को डर सता रहा है कि उनके घर और महत्वपूर्ण स्थल नदी में समा सकते हैं।


मुख्यालय से कटा पंचायतों का संपर्क, नाव बनी आवागमन का एकमात्र सहारा

दियारा क्षेत्र की स्थिति अत्यंत विकराल हो गई है। रायपुर बिंदगावा, कोटवापट्टी रामपुर और बड़हारा महाजी पंचायतों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। आरा-छपरा पुल मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए केवल नावें ही एकमात्र साधन बची हैं।

सरकारी नावों की कमी से ग्रामीणों में फूटा आक्रोश

प्रशासनिक सुस्ती को लेकर दियारांचल के निवासियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। कोटवापट्टी रामपुर और बड़हारा महाजी के पंचायत मुखियाओं ने जिला प्रशासन से शीघ्र राहत पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक पर्याप्त संख्या में सरकारी नावें तैनात नहीं की गई हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटना मुश्किल हो रहा है।

इंद्रपुरी बराज से छोड़ा गया 5 लाख क्यूसेक पानी, धड़कनें तेज

इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की आधिकारिक सूचना ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है। सोन नदी में अत्यधिक पानी आने से जलप्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न होने की पूरी आशंका जताई जा रही है। पानी का बढ़ा हुआ दबाव तटबंधों और दियारा के गांवों के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है।

अधिकारियों ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा, दिए सुरक्षा के निर्देश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ नितेश कुमार और सदर अंचलाधिकारी ने रायपुर बिंदगावा, कोटवापट्टी रामपुर, बड़हारा महाजी, चिरांद और मुसेपुर सहित कई पंचायतों का दौरा किया। अधिकारियों ने स्थिति का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जल्द से जल्द राहत सामग्री, कटावरोधी कार्य और नावों की व्यवस्था कराने की मांग रखी है।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट