सीएम नीतीश के गृह जिले नालंदा में घोटालेबाज अधिकारी को मिला प्रमोशन ! विधानसभा में जदयू MLA ने खोला मोर्चा

विधायक ने सदन में कहा कि नालंदा में स्कूलों के लिए बेंच-डेस्क खरीद में अनियमितताएं सामने आई थीं और जांच में संबंधित अधिकारी को दोषी पाया गया था।

Scam in Nalanda by DEO- फोटो : news4nation

Bihar Vidhan Sabha : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में बेंच-डेस्क खरीद में कथित गड़बड़ी का मामला मंगलवार को विधानसभा में गूंजा। अस्थावां से जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि गड़बड़ी में दोषी पाए गए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को कार्रवाई के बजाय पदोन्नति देकर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE), पटना बना दिया गया है। विधायक ने सदन में कहा कि नालंदा में स्कूलों के लिए बेंच-डेस्क खरीद में अनियमितताएं सामने आई थीं और जांच में संबंधित अधिकारी को दोषी पाया गया था। इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित कर दिया गया। उन्होंने शिक्षा विभाग में खरीद-फरोख्त के मामलों में करोड़ों रुपये के गबन का आरोप भी लगाया।


इस पर राज्य के शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि गड़बड़ी और गबन के आरोपों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सदन की कार्यवाही के बाद मुख्यालय स्तर पर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


45 हजार परिचारी की होगी नियुक्ति  

शिक्षा विभाग से नौकरी की नियुक्ति की आस लगाए लोगों के लिए मंगलवार को बिहार विधान सभा में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बड़ी घोषणा की. उन्होंने शिक्षा विभाग में एक ही पद पर 45 हजार नियुक्तियों को लेकर बड़ा ऐलान किया.  गोरेकोठी विधायक देवेश कांत सिंह के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग परिचारी की नियुक्ति निकालेगी. 45 हज़ार नियुक्ति होगी. 


एक समान मिलेगा HRA

वहीं लेफ्ट विधायक अजय कुमार ने एक ही विद्यालय में नियोजित, विशिष्ट और बीपीएससी शिक्षकों के लिए HRA के तीन अलग अलग मापदंड में भुगतान होने पर सवाल उठाया. इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि इसे सही किया जा रहा है. 90 प्रतिशत सही करा लिया गया है. एक समान भुगतान को लेकर जल्द ही पूरी प्रक्रिया कर ली जाएगी. 


मध्याहन भोजन का मुद्दा

सहरसा से निर्वाचित विधायक IP गुप्ता ने मध्याहन भोजन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और गर्म खाना नहीं परोसा जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में रसोइया होने के बाद भी क्लस्टर किचन से खाना आपूर्ति की जाती है. इस पर मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराने के लिए NGO को ये जिम्मेदारी दी गई है. रसोइया का मानदेय दोगुना किया गया है. फ़िलहाल रसोइया की संख्या कम है, इसलिए NGO की जरूरत पड़ती है. रसोइया के हित का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. 

रंजन की रिपोर्ट