Bihar Politics: SIR पर कांग्रेस के प्रदर्शन को श्रवण कुमार ने घेरा, बोले- आयोग पर अमर्यादित बयान से बचें

Bihar Politics: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। ....

SIR पर राजनीतिक बयानबाजी तेज- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को पटना में निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और SIR को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।इसी मामले पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्ष लगातार ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहा है, लेकिन निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है। उन्होंने कहा कि आयोग के खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी से बचना चाहिए। उनके मुताबिक विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दे उठाने चाहिए और सरकार उन पर संज्ञान लेगी।

कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी सांसद शंभू शरण पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की ओर से दिए गए बयानों पर पूछे गए सवाल पर श्रवण कुमार ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं के बयान नहीं देखे हैं। इसलिए इस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के यादव समाज को लेकर दिए गए बयान पर भी श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को किसी समाज या व्यक्ति के बारे में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

श्रवण कुमार ने कहा कि अपराध को किसी जाति या धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब भगवान सिंह कुशवाहा के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर विरोध सामने आया है। छपरा में यादव समाज के एक संगठन ने भी इस मुद्दे पर विरोध मार्च निकालकर आपत्ति जताई है।

SIR को लेकर बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि सरकार और उसके सहयोगी दल निर्वाचन आयोग की संवैधानिक भूमिका का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह