YourStory 'Shuru Kar' Launching in Patna: अपनी मिट्टी में कारोबार खड़ा करें बिहार के युवा, DPIIT और Startup India के सहयोग से बड़ा आंदोलन

पटना के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में योरस्टोरी के 'द भारत प्रोजेक्ट' के तहत "शुरू कर" आंदोलन का शुभारंभ हुआ। बिहार के मंत्री नीतीश मिश्रा और श्रद्धा शर्मा ने युवाओं को अपने जिले से ही नया कारोबार शुरू करने का संदेश दिया।

पटना से शुरू हुआ देश का पहला जिला स्तरीय उद्यमिता आंदोलन "शुरू कर"- फोटो : Reporter

पटना के राजेंद्रनगर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में शनिवार को जिला स्तर पर उद्यमिता के देश के पहले आंदोलन “शुरू कर” की औपचारिक शुरुआत हुई। योरस्टोरी की पहल 'द भारत प्रोजेक्ट' द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को डीपीआईआईटी (DPIIT) और 'स्टार्टअप इंडिया' का सहयोग प्राप्त है। यह अपनी तरह का पहला राष्ट्रव्यापी आंदोलन है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को अपने ही जिले की स्थानीय समस्याओं को चुनकर उन पर आधारित नए व्यवसाय शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है।


दिग्गजों का जमावड़ा: मंत्री नीतीश मिश्रा और श्रद्धा शर्मा ने युवाओं को किया प्रेरित

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ योरस्टोरी की संस्थापक व सीईओ श्रद्धा शर्मा, राज्य भर से आए युवा उद्यमी, विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थी और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के पहले सत्र में विशेष अतिथियों का संबोधन हुआ, जिसके बाद डब्ल्यूओयूआई इंडिया के सीईओ श्री अमर दीक्षित और इनयूनिटी के सह-संस्थापक एवं सीईओ श्री जॉनसन टेलिस ने अपना मुख्य भाषण दिया।

'द भारत प्रोजेक्ट' का दृष्टिकोण: हर जिले से निकलेंगे अगली पीढ़ी के उद्यमी

योरस्टोरी एवं द भारत प्रोजेक्ट की संस्थापक श्रद्धा शर्मा ने कहा, "पिछले 17 वर्षों से मैं उद्यमियों की कहानियां सुनाती आ रही हूं, लेकिन सिर्फ कहानियां सुनाना काफी नहीं है। हमें अगली पीढ़ी के उद्यमी तैयार करने होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि भारत के हर कोने में हुनर और हौसला है, बस मौकों की कमी है। अगली पीढ़ी के सफल उद्यमी न केवल बड़े महानगरों से, बल्कि पटना, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों से भी निकलेंगे। "शुरू कर" पहल सही समस्या चुनने से लेकर पहला ग्राहक मिलने तक युवाओं का हाथ थामे रखेगी।


अपनी मिट्टी में कारोबार खड़ा करें: मंत्री नीतीश मिश्रा का युवाओं को संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अक्सर लोग किसी की सफलता देखते हैं, उसके पीछे के कड़े संघर्ष को नहीं। हर उद्यमी को संघर्षों से गुजरना पड़ता है, लेकिन इसे अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार को लेकर जो नकारात्मक धारणाएं बनाई जाती हैं, उनके उलट अब ज़मीन पर स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। राज्य सरकार नए स्टार्टअप्स और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और युवाओं को इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए।


एआई को-पायलट और मेंटॉरशिप: जिला स्तरीय मंच की कार्यप्रणाली

"शुरू कर" एक ऐसा जिला स्तरीय मंच है जो स्थानीय समस्याओं को व्यापारिक अवसरों में बदलता है। इस प्लेटफॉर्म पर हर प्रतिभागी को एक एआई (AI) को-पायलट की मदद मिलती है, जो उनके विचारों को आकार देने और व्यावसायिक रणनीति तैयार करने में सहायता करता है। इसके अलावा, अनुभवी उद्यमियों की मेंटॉरशिप के जरिए युवाओं को पहला ग्राहक मिलने तक पूरी मदद दी जाती है। स्थानीय बाज़ार, नेटवर्क और साझेदारों के माध्यम से युवाओं के लिए जिले में ही स्वरोज़गार के द्वार खुलेंगे।


18 महीनों में 1 लाख उद्यम और 'शुरू कर चैलेंज' का लक्ष्य

इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत शुरुआती 18 महीनों में 10 लाख व्यावसायिक विचार (Ideas) जुटाने, 1 लाख नए उद्यम स्थापित करने और अपने फंड से कम से कम 5,000 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। यह पूरा अभियान मौजूदा सरकारी ढांचे के साथ तालमेल बिठाकर चलेगा और इसके लिए किसी नए सरकारी फंड या योजना की मांग नहीं की गई है। लॉन्च के दौरान "शुरू कर चैलेंज लें" की भी घोषणा की गई, जिसके तहत देश की बड़ी समस्याओं के समाधान हेतु विचार आमंत्रित किए गए हैं।


“होकर निडर, शुरू कर”: युवाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का गुरुमंत्र

कार्यक्रम के अंतिम चरण में दोपहर के भोजन के बाद सफल उद्यमियों ने अपनी संघर्ष गाथाएं साझा कीं और युवाओं के सवालों के उत्तर दिए। इस पूरे आयोजन का समापन “होकर निडर, शुरू कर” के ऊर्जावान संदेश के साथ हुआ। युवाओं से अपील की गई कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले (Job Creators) बनें। किसी बड़े विचार के लिए किसी बड़े शहर की जरूरत नहीं होती, बल्कि केवल एक पहला कदम उठाने के साहस की आवश्यकता होती है।


द भारत प्रोजेक्ट और योरस्टोरी का सफर

'द भारत प्रोजेक्ट' योरस्टोरी की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका लक्ष्य देश के छोटे-छोटे जिलों तक पहुंचकर 10 लाख उद्यमी तैयार करना और 10,000 टिकाऊ (Scalable) स्टार्टअप्स खड़े करने में मदद करना है। गौरतलब है कि श्रद्धा शर्मा द्वारा वर्ष 2008 में स्थापित 'योरस्टोरी' आज देश में उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए सबसे बड़ा मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है, जो अब तक 2 लाख से अधिक संस्थापकों की प्रेरणादायक कहानियां दुनिया के सामने ला चुका है।