Bihar Electricity News : बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, 150 किलोवाट तक ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’ की व्यवस्था खत्म
Bihar Electricity News : बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना अब पहले से कहीं अधिक सरल बन गया है। 150 kW तक के कनेक्शन के लिए 'फिजिकल वेरिफिकेशन' की बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
PATNA : बिहार में नया बिजली कनेक्शन लेना अब पहले से अधिक आसान, सरल और पारदर्शी हो गया है। केंद्र सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के नए आदेश के अनुसार अब 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए 'फिजिकल वेरिफिकेशन' यानी जमीन या मकान की पहले होने वाली जांच-पड़ताल और नाप-जोख को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह नियम आम जनता और ग्रामीण उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए आसान बनाए गए हैं।
अब क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
पहले तार, पोल या अन्य सामान (मटेरियल), मजदूरी (लेबर) और जांच (सुपरविजन) का अलग-अलग एस्टिमेट बनता था। अब यह सब झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब लोड के हिसाब से एकमुश्त मानक फीस तय कर दी गई है। मोबाइल ऐप ('सुविधा' ऐप) या पोर्टल पर आवेदन करते ही साफ दिख जाएगा कि कितना पैसा लगेगा। तय फीस ऑनलाइन जमा होते ही बिजली कंपनी खुद आपके परिसर तक सर्विस तार और मीटर लगाने का काम पूरा करेगी।
नए बिजली कनेक्शन के लिए तय मानक शुल्क
सिंगल फेज (घरेलू व अन्य) | 3 किलोवाट तक | ₹900/- प्रति किलोवाट (यानी 3 kW पर कुल ₹2,700/-) | सिंगल फेज (घरेलू व अन्य) | 3 kW से अधिक (7 kW तक) | 3 kW के लिए ₹2,700/- तथा 3 kW से ऊपर प्रति किलोवाट ₹1,000/- अतिरिक्त | थ्री फेज (3-Phase) | 5 kW से 19 kW तक | 5 kW तक ₹4,500/- तथा 5 kW से ऊपर प्रति किलोवाट ₹1,500/- अतिरिक्त | थ्री फेज (3-Phase) | 20 kW से 44 kW तक | 20 kW तक ₹21,000/- तथा 20 kW से ऊपर प्रति किलोवाट ₹2,000/- अतिरिक्त | एचटी (HT कनेक्शन) | 45 kW से 150 kW तक | ₹7,000/- प्रति किलोवाट | बताते चलें की यह शुल्क सामान्य विद्युतीकृत इलाकों में बिजली लाइन के दायरे में नया कनेक्शन लेने पर लागू है।
आम जनता और ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
अलग से कोई एस्टिमेट, मटेरियल चार्ज या लेबर चार्ज नहीं लगेगा। वहीँ अब फीस जमा करते ही तय समयसीमा में कनेक्शन मिल जाएगा। मोबाइल से आवेदन करते ही कंप्यूटर से तय फीस दिखेगी, जिसे जमा करते ही मीटर लगाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि गांव-कस्बों के लोगों, किसानों और छोटे दुकानदारों को बिना किसी परेशानी और बिना किसी देरी के तुरंत नया बिजली कनेक्शन मिल सके।