विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा अब मिलेगी घर के नजदीक, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय की पॉलीक्लिनिक पहल पर बड़ा ऐलान

राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए पॉलीक्लिनिक व्यवस्था लागू की गई है, इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा अब उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध हो रही है।

Health Minister Mangal Pandey- फोटो : news4nation

 Mangal Pandey : बिहार में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा अब आम लोगों को उनके घरों के नजदीक मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री  मंगल पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृत-संकल्पित है। इस दिशा में राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए पॉलीक्लिनिक व्यवस्था लागू की गई है, जिससे आम लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा अब उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध हो रही है।


उन्होंने कहा कि इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आम जन को समय पर सुलभ एवं बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि  ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 148 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) संचालित हैं, जिनमें से 51 केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू की गई हैं। जुलाई 2025 से प्रारंभ इस पहल के तहत फरवरी 2026 तक कुल 1,81,239 मरीजों को ओपीडी सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। 


पॉलीक्लिनिक केंद्रों पर सामान्य चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। रोटेशन एवं साप्ताहिक रोस्टर के आधार पर जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, त्वचा रोग, कान-नाक-गला (ईएमटी) तथा नेत्र-रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा मरीजों को परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है। 


 पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक पॉलीक्लिनिक में लैब टेक्नीशियन, टेली-मेडिसिन कोऑर्डिनेटर तथा मल्टी-टास्किंग स्टॉफ की भी व्यवस्था की गई है। जिससे मरीजों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। साथ ही, जनवरी 2026 से इन केंद्रों पर टेली-मेडिसिन सेवा भी शुरू कर दी गई है। पूर्व में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यतः सामान्य चिकित्सक ही उपलब्ध होते थे। जिसके कारण मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। अब पॉलीक्लिनिक लागू होने से मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श प्राप्त कर रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वित्तीय वर्ष तक सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पॉलीक्लिनिक सेवाएं शुरू करना है।