दो लड़कियों को तस्करी कर ले जा रहे सीमा पार, बॉर्डर पर एसएसबी ने किया रेस्क्यू

भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी के जवानों ने मानव तस्करी की दो बड़ी साजिशों को नाकाम कर दिया है। मुस्तैद जवानों ने भीमनगर और निओर चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान दो युवतियों को रेस्क्यू किया, जिन्हें बहला-फुसलाकर और जबरन नेपाल ले जाया जा रहा था।

Supaul - भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मानव तस्करी के दो अलग-अलग मामलों का भंडाफोड़ किया है। एसएसबी की सीमा चौकी निओर और भीमनगर के जवानों ने चेकिंग के दौरान दो युवतियों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बचाया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सीमा चौकी निओर के चेक पोस्ट पर एक व्यक्ति एक युवती के साथ नेपाल की ओर जाते हुए संदिग्ध पाया गया। पूछताछ में व्यक्ति ने खुद को मधुबनी का निवासी बताया और दावा किया कि वह शादी के बाद मंदिर जा रहा है। हालांकि, जांच में पता चला कि युवती नाबालिग है और उसकी शादी जबरन उसकी मर्जी के बिना कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने युवती को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया।

दूसरी घटना भीमनगर चेक पोस्ट की है, जहाँ एसएसबी जवानों ने एक 19 वर्षीय युवती के साथ नेपाल जा रहे एक व्यक्ति को रोका। जांच में सामने आया कि आरोपी युवती को बहला-फुसलाकर गलत मंशा से नेपाल ले जाने की फिराक में था। एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को भीमनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया और युवती को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

इस सफल ऑपरेशन में सहायक उप निरीक्षक स्वप्न चंद्र सरकार, मुख्य आरक्षी सुनील कुमार, एएचटीयू की उप निरीक्षक भावना और अन्य एसएसबी कार्मिकों की अहम भूमिका रही। कमांडेंट ने बताया कि सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

एसएसबी की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए स्थानीय पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि मानव तस्करी के इस रैकेट की गहराई तक पहुंचा जा सके। बॉर्डर पर बढ़ती सतर्कता से तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

एसएसबी द्वारा बचाई गई दोनों युवतियों को अब विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें।