बिहार के शिक्षकों को बड़ी सौगात: प्रोन्नति में जुड़ेगी नियोजित अवधि, कक्षा 6-8 और 11-12 के शिक्षकों के लिए 'वरीय अध्यापक' बनने का रास्ता साफ

शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार के हस्ताक्षर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, अब शिक्षकों की प्रोन्नति (Promotion) में उनके द्वारा 'नियोजित शिक्षक' के रूप में बिताई गई पूरी कार्यावधि की गणना की जाएगी।

Patna - बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों और विशिष्ट शिक्षकों के लिए प्रोन्नति के नियमों में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है। विभाग के सचिव दिनेश कुमार के हस्ताक्षर से सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब शिक्षकों की प्रोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया में उनके द्वारा पूर्व में 'नियोजित शिक्षक' के रूप में की गई पूरी सेवा अवधि की गणना की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य के हजारों शिक्षकों को सेवा निरंतरता (Service Continuity) का सीधा लाभ प्राप्त होगा। अब शिक्षकों की पिछली सेवाओं को केवल औपचारिकता न मानकर, उसे प्रोन्नति के लिए आवश्यक 'अनुभव' के तौर पर पूर्ण मान्यता दी जाएगी, जिससे उनके करियर के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

प्रोन्नति के नए ढांचे को बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) संशोधन नियमावली, 2023 के तहत स्पष्ट किया गया है। इसके प्रावधानों के अनुसार, अब कक्षा 6 से 8 में कार्यरत विद्यालय अध्यापक इन्हीं कक्षाओं के लिए 'वरीय विद्यालय अध्यापक' के पद पर प्रोन्नत हो सकेंगे, वहीं कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के लिए भी इन्हीं कक्षाओं में वरीय पद पर प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।

प्रोन्नति की इस नई और समावेशी प्रक्रिया में राज्य के विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों, दोनों को समान रूप से शामिल किया गया है। इन दोनों श्रेणियों के शिक्षकों को उनके नियोजित शिक्षक के रूप में दिए गए योगदान का पूरा लाभ मिलेगा, जिससे वर्षों से एक ही पद पर कार्य कर रहे शिक्षकों को अब पदोन्नति के साथ बेहतर सेवा शर्तें प्राप्त होंगी।