अनुष्का यादव की बेटी की पहली तस्वीर आई सामने, आकाश यादव ने बताया क्या है नाम

अनुष्का यादव द्वारा बेटी को जन्म दिए जाने के बाद उनके भाई आकाश यादव ने बच्ची 'उज्जैनी' की तस्वीर साझा की, जिससे सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गईं । इस बीच, पटना के एक अस्पताल का मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन सार्वजनिक हुआ है

Patna - लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में हैं। अनुष्का यादव की नवजात बेटी और एक वायरल मेडिकल पर्चे ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीते 8 फरवरी को अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच अनुष्का के भाई आकाश यादव ने इंस्टाग्राम पर नवजात बच्ची की एक भावुक तस्वीर साझा की है। तस्वीर में बच्ची आकाश की उंगली थामे नजर आ रही है और उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में बच्ची का नाम ‘मेरी उज्जैनी’ लिखा है। यह पोस्ट सार्वजनिक होते ही इंटरनेट पर वायरल हो गया है। 

मेडिकल रिपोर्ट से गहराया विवाद: 'पति' के नाम पर बवाल

अनुष्का की बेटी के जन्म के साथ ही एक मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। यह पर्चा 7 अक्टूबर 2025 का बताया जा रहा है, जिसमें पटना के कंकड़बाग स्थित वर्लिका मदरहुड हॉस्पिटल की डॉ. ऋतु राज का नाम दर्ज है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पर्चे में अनुष्का यादव के 'पति' के कॉलम में 'तेज प्रताप यादव' का नाम साफ तौर पर लिखा हुआ है। इस दस्तावेज के सार्वजनिक होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं। 

तेज प्रताप यादव का खंडन: "मेरा कोई संबंध नहीं"


इस विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए तेज प्रताप यादव ने 8 फरवरी को ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अनुष्का यादव या उसकी बच्ची से उनका कोई लेना-देना नहीं है। तेज प्रताप ने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और इसमें "जयचंदों" का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुष्का 'आकाश भाटी' नामक व्यक्ति से जुड़ी हुई थी और बच्चा भी उसी का है। 

तेज प्रताप ने गिने पांच 'जयचंदों' के नाम

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज प्रताप यादव भावुक नजर आए और उन्होंने अपने ही करीबियों पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके घर से निकाल दिया गया है और इसके पीछे एक पूरा गिरोह काम कर रहा है। तेज प्रताप ने पांच लोगों को "जयचंद" बताते हुए उनके नाम सार्वजनिक किए, जिनमें पूर्व विधायक मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज, शक्ति सिंह और सुनील सिंह शामिल हैं। 

सियासी गलियारों में चर्चा और भविष्य के सवाल

मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज नाम और तेज प्रताप यादव के आरोपों ने इस मामले को कानूनी और सामाजिक मोड़ दे दिया है। एक तरफ जहां मेडिकल कागजात तेज प्रताप की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस मामले में कोई कानूनी जांच शुरू होती है या यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।